Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/after-china-and-indonesia-america-is-the-largest-source-of-plastic-pollution-at-sea-study.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | चीन और इंडोनेशिया के बाद अमेरिका है समुद्र में प्लास्टिक प्रदूषण का जिम्मेवार | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

चीन और इंडोनेशिया के बाद अमेरिका है समुद्र में प्लास्टिक प्रदूषण का जिम्मेवार

-डाउन टू अर्थ,

एक नए अध्ययन से पता चला है कि अमेरिका तटीय प्लास्टिक प्रदूषण फैलाने वाले देशों में तीसरे स्थान पर है। इसके प्लास्टिक कचरे के निर्यात के साथ-साथ देश में कूड़े की अवैध डंपिंग बढ़ रही है।

नए शोध ने इस धारणा को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया कि संयुक्त राज्य अमेरिका अधिकतर कूड़े का सही तरीके से प्रबंध कर रहा है। जिसमें कूड़े, प्लास्टिक कचरे को एकत्र करना और ठीक से लैंडफिल में डालना तथा रीसाइक्लिंग करना शामिल है। एक पुराने अध्ययन ने 2010 के आंकड़ों का उपयोग करके अमेरिका को प्लास्टिक कूड़े के निर्यात में 20वें स्थान पर रखा था। जबकि यह कचरे का सहीं से प्रबंधन न करने के कारण समुद्र के प्लास्टिक प्रदूषण के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है। 2016 में अमेरिका के द्वारा प्लास्टिक कचरे का निर्यात चीन, हांगकांग एसएआर, फिलीपींस, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, आयरलैंड और फ्रांस में सबसे अधिक किया गया। यह अध्ययन साइंस एडवांस में प्रकाशित हुआ है।

सी एजुकेशन एसोसिएशन, डीएसएम पर्यावरण सेवा, जॉर्जिया विश्वविद्यालय और महासागर संरक्षण के वैज्ञानिकों ने अमेरिका में रीसाइक्लिंग के लिए एकत्र किए गए आधे से अधिक प्लास्टिक का हिसाब लगया। जिसमें कहा गया है कि 39.1 लाख (3.91 मिलियन) मीट्रिक टन में से 19.9 लाख (1.99 मिलियन) मीट्रिक टन प्लास्टिक को रीसाइक्लि कर विदेशों में भेज दिया गया। इस आंकड़े का अनुमान लगाने के लिए उन्होंने 2016 से प्लास्टिक कचरे के उत्पादन के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, नवीनतम उपलब्ध वैश्विक संख्या का उपयोग किया। 

इसमें से 88 फीसदी निर्यात किया गया प्लास्टिक ऐसे देशों में भेजा गया जो इसे सहीं ढंग से प्रबंधित, रीसायकल या निपटान नहीं कर सकते है। और 15-25 फीसदी के बीच बहुत खराब या दूषित था, जिसका अर्थ है कि इसे अब रीसायकल नहीं किया जा सकता है। इन कारकों को ध्यान में रखते हुए, शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि लगभग 1 मिलियन मीट्रिक टन तक अमेरिका द्वारा उत्पादित प्लास्टिक कचरे ने पर्यावरण को सबसे अधिक प्रदूषित कर दिया है।

सी एजुकेशन एसोसिएशन में ओसेनोग्राफी (समुद्र विज्ञान) के प्रोफेसर डॉ. कारा लैवेंडर लॉ ने कहा कि सालों से, हमने जितने भी प्लास्टिक को वातावरण में फैका, इसके बाद रीसायकल कर ऐसे देशों को निर्यात कर दिया गया जो स्वयं अपने कचरे का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। इस सब में अमेरिका की सबसे अधिक भूमिका है। हमारे पूरे प्लास्टिक कचरे में से अधिकतर को रीसायकल नहीं किया जाता है, क्योंकि यह खराब, दूषित या रीसायकल करने लायक नहीं होता है, यह आश्चर्य की बात नहीं है कि इसका अधिकतम भाग पर्यावरण में प्रदूषण फैलाता है।

अध्ययनकर्ताओं ने 2016 के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, यह भी अनुमान लगाया कि पूरे प्लास्टिक कचरे का 2-3 फीसदी अमेरिका में उत्पन्न हुआ। जो कि 9.1 लाख (0.91) से   12.5 लाख (1.25 मिलियन) मीट्रिक टन के बीच है। इसे कहीं न कहीं पर्यावरण में वैध या अवैध रूप से फैका गया है या डंप किया गया है। कचरे के निर्यात की बात करे तो अमेरिका ने पर्यावरण में 22.5 लाख (2.25 मिलियन) मीट्रिक टन प्लास्टिक फैलाया है। इसमें से 15 लाख (1.5 मिलियन) मीट्रिक टन तक का प्लास्टिक समुद्र तटीय वातावरण में फैका गया। इस प्लास्टिक कचरे के समुद्र तट से हवा या पानी के माध्यम से समुद्र में प्रवेश करने के आसार बढ़ जाते हैं। दुनिया भर में संयुक्त राज्य अमेरिका का तटीय प्लास्टिक प्रदूषण फैलाने में तीसरा स्थान पर है। 

निक मलोस ने कहा अमेरिका दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे अधिक प्लास्टिक कचरा उत्पन्न करता है, लेकिन इस समस्या का समाधन ढूढ़ने के बजाय हम इसे विकासशील देशों को आउटसोर्स कर देते है जिससे महासागरों में प्लास्टिक जमा हो जाता है। यदि हम इससे निपटना चाहते हैं तो समाधान हमें घर पर शुरू करना होगा। अनावश्यक सिंगल यूज़ लास्टिक को कम बनाने की आवश्यकता है। हमें सामानों को पैकेज और वितरित करने के लिए नए-नए तरीकों को विकसित करना होगा। जहां प्लास्टिक का उपयोग जरूरी हैं, वहां हमें अपनी रीसाइक्लिंग दरों में भारी सुधार करने की आवश्यकता है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.