Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/anil-ghanwat-a-member-of-supreme-court-appointed-committee-has-written-to-the-cji-to-release-report-of-the-committee.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की समिति के सदस्य अनिल घनवत ने समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को लिखी चिट्ठी | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की समिति के सदस्य अनिल घनवत ने समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए मुख्य न्यायाधीश को लिखी चिट्ठी

केंद्र सरकार द्वारा जून, 2020 में लाये तीन नये कृषि कानूनों पर किसानों के आंदोलन का हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई समिति के सदस्य अनिल जयसिंग घनवत ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की गुजारिश की है। घनवत का कहना है कि हमने अपनी रिपोर्ट में किसानों के हितों के लिए जो सिफारिशें की हैं वह सरकार को भेजी जाएं और इसे सार्वजनिक किया जाए। रूरल वॉयस के साथ एक बातचीत में अनिल घनवत ने कहा कि केंद्रीय कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन अभी भी जारी है इसलिए बेहतर होगा कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया जाए ताकि कोई रास्ता निकाला जा सके।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई यह चिट्ठी एक सितंबर, 2021 को लिखी गई है। इसमें कहा गया है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने तीन कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगा दी थी और 12 जनवरी, 2021 को एक समिति गठित की थी जिसमें मुझे किसानों के प्रतिनिधि के रूप में सदस्य बनाया गया। समिति को दो माह में अपनी रिपोर्ट देने का समय दिया गया। समिति ने विभिन्न पक्षों के साथ लंबा विचार विमर्श करने के बाद 19 मार्च, 2021 को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी। समिति को भरोसा था कि उसकी सिफारिशें किसानों के आंदोलन को समाप्त करने में सहायक होंगी। लेकिन समिति का सदस्य और खासतौर से किसानों का प्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस बात का दुख है कि अभी भी किसानों का आंदोलन जारी है।

घनवत ने चिट्ठी में लिखा है कि मेरी सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश है कि रिपोर्ट की सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाए ताकि इनको लागू कर किसान आंदोलन का शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके।

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ 27 नवंबर, 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 12 जनवरी, 2021 को एक चार सदस्यीय समिति गठित की थी। इसमें शेतकरी संघटना के अध्यक्ष अनिल जयसिंह घनवत, भारतीय किसान यूनियन (मान) के  भूपिन्द्र सिंह मान, कृषि अर्थशास्त्री प्रोफेसर अशोक गुलाटी और कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार जोशी को सदस्य बनाया गया था। पंजाब में किसानों का विरोध देखते हुए मान ने खुद को समिति से अलग कर लिया था। उसके बाद समिति में तीन सदस्य रह गये थे। आंदोलनरत संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य 40 किसान संगठनों ने इस समिति के सामने आने से इनकार कर दिया था। समिति की रिपोर्ट में क्या सिफारिशें हैं यह अभी सार्वजनिक नहीं है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.