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असम: जिस ओर नजर सिर्फ पानी ही पानी, जान माल की भारी क्षति

न्यूज़लॉन्ड्री, 19 जुलाई

असम में नेशनल हाईवे 31 के किनारे जिस ओर नजर जाती है, पानी ही पानी दिखता है. यहां कुछ दिन पहले तक धान की लहलहाती फसल दिखती थी. इसी हाईवे पर 43 वर्षीय रहीसुद्दीन अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ मदद का इंतजार कर रहे हैं. राज्य में नगांव जिले के राहा अनुमंडल के काकोटी गांव निवासी रहीसुद्दीन अपने गांव वापस जाने के लिए किसी नाव की तलाश में हैं. उनका परिवार काकोटी गांव के अधिकतर लोग, बाढ़ से बचने के प्रयास में, पलायन कर चुके हैं. जान बचाने की जद्दोजहद में लोगों से जितना हो सका, घर का सामान भी साथ ले आए. गांव के कुछ लोग अपने मवेशियों की जान बचाने में भी कामयाब रहे. अब घर डूबने के बाद उन्हें तिरपाल से बने अस्थाई शिविरों में रहना पड़ा रहा है.

रहीसुद्दीन एक नाविक के साथ मोल-तोल कर रहे हैं. नाविक गांव तक छोड़ने का 20 रुपए प्रति व्यक्ति किराया मांग रहा है, लेकिन वे 10 रुपए प्रति व्यक्ति से अधिक नहीं देना चाहते. यह पूछने पर कि वह अपने गांव क्यों जा रहे हैं, उन्होंने हमें बताया कि वह टोह लेने जा रहे हैं कि गांव में पानी उतरा कि नहीं.

वह कहते हैं, “मई में बाढ़ की पहली लहर के बाद हमने गांव छोड़ दिया और पिछले एक महीने से हम यहां-वहां भटक रहे हैं. अपने गांव के अधिकांश लोगों की तरह, मैं भी दिहाड़ी मजदूरी करता हूं और कभी-कभी मछलियां पकड़ता हूं, लेकिन अब बाढ़ के कारण मेरे पास कोई रोजगार नहीं है.”

पूरी रिपोर्ट न्यूज़लॉन्ड्री पर