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2035 तक दुनिया की आधी मूंगे की चट्टानों को खतरनाक परिस्थितियों का करना पड़ेगा सामना

डाउन टू अर्थ, 12 अक्टूबर

मानवजनित गड़बड़ी दुनिया भर में पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भारी चुनौतियां खड़ी कर रही है। अगर जलवायु परिवर्तन बेरोकटोक जारी रहा तो पृथ्वी के लिए एक और बुरी खबर है।

एक नए शोध से पता चला है कि दुनिया भर के आधे मूंगे की चट्टानें या कोरल रीफ पारिस्थितिकी तंत्र केवल 12 सालों में हमेशा के लिए खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इस बात का खुलासा अमेरिका के मानोआ में स्थित हवाई विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है।


पारिस्थितिकी तंत्र की अपने वातावरण के भीतर बदलावों के अनुकूल होने की क्षमता काफी हद तक उनके विशिष्ट पर्यावरणीय तनावों के प्रकार और प्रभाव पर निर्भर करती है। मूंगे की चट्टानें, विशेष रूप से, इन खराब पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील होती हैं।

शोधकर्ताओं ने जलवायु परिवर्तन की गहन जानकारी के बारे में सुधार करने लिए एक वैश्विक मॉडल विकसित किया है। उन्होंने इसमें गणना करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक प्रयोगात्मक ढांचे सीएमआईपी 5 का उपयोग किया है।

पूरी रिपोर्ट- डाउन टू अर्थ