Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/every-minute-11-people-are-dying-due-to-hunger-covid-19-conflict-and-climate-change-are-the-reasons.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | हर मिनट भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं 11 लोग, कोविड-19, संघर्ष और जलवायु परिवर्तन है बड़ी वजह | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

हर मिनट भूख के कारण दम तोड़ रहे हैं 11 लोग, कोविड-19, संघर्ष और जलवायु परिवर्तन है बड़ी वजह

-डाउन टू अर्थ,

हर मिनट भूख के कारण औसतन 11 लोग दम तोड़ रहे हैं। जिसके लिए काफी हद तक कोविड-19, संघर्ष और जलवायु परिवर्तन जिम्मेवार है।  यह जानकारी हाल ही में ऑक्सफेम द्वारा जारी नई रिपोर्ट द हंगर वायरस मल्टीप्लाइज में सामने आई है| अनुमान है कि दुनिया भर में करीब 15.5 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं, जोकि पिछले साल की तुलना में 2 करोड़ ज्यादा है।

दुख की बात यह है कि इनमें से दो-तिहाई सिर्फ इसलिए भुखमरी का सामना कर रहे हैं क्योंकि उनके देश सैन्य संघर्ष में लगे हुए हैं। हालांकि देखा जाए तो हम में से बहुत से लोगों के लिए यह महज यह कुछ आंकड़ें हैं पर इनका वो दर्द वही महसूस कर सकते हैं जिन्होंने इस स्थिति का सामना किया है। जब से यह महामारी शुरू हुई है, तब से अकाल जैसी परिस्थितियों का सामना करने वाले लोगों की संख्या में छह गुना इजाफा हुआ है, जो बढ़कर 5.2 लाख से ज्यादा हो गई है। 

महामारी शुरु होने के बाद से संघर्ष, भुखमरी के लिए जिम्मेवार सबसे बड़ा कारण है। यदि 23 संघर्ष-ग्रस्त देशों से जुड़े आंकड़ों को देखें तो उनमें करीब 10 करोड़ लोग इसके चलते खाद्य संकट का सामना करने को मजबूर हैं। वहीं विडंबना देखिए वैश्विक स्तर पर पिछले साल सेना पर किए खर्च में करीब 2.7 फीसदी का इजाफा किया गया है, जो करीब 3.8 लाख करोड़ के बराबर है| यह रकम इतनी है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा भुखमरी को रोकने के लिए आवश्यक जरूरतों को छह बार से ज्यादा पूरा कर सकती है।

वहीं जून के मध्य तक के आंकड़ों को देखें तो इथियोपिया, मेडागास्कर, दक्षिण सूडान और यमन में भीषण अकाल की स्थिति का सामना करने वाले लोगों की संख्या 521,814 थी जोकि पिछले वर्ष कि तुलना में करीब 500 फीसदी ज्यादा है। गौरतलब है कि पिछले साल यह संख्या 84,500 दर्ज की गई थी। अनुमान है कि अत्यधिक गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या  2021 के अंत तक 74.5 करोड़ पर पहुंच जाएगी, जोकि महामारी के पहले की तुलना में करीब 10 करोड़ ज्यादा है। 

एक तरफ महामारी के दौरान जहां अमीर और अमीर होते गए। अनुमान है कि दुनिया के 10 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति में पिछले वर्ष 30.7 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है, जोकि 2021 में संयुक्त राष्ट्र की मानवीय अपील को 11 बार पूरा करने के लिए काफी है। अनुमान है कि महामारी की शुरुवात से वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में  में 3.5 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि गरीबी में 16 फीसदी की वृद्धि हुई है।

भारत की भी कोई अच्छी नहीं है स्थिति

वहीं यदि भारत की बात करें तो वहां लाखों लोग भोजन की भारी कमी का सामना कर रहे हैं।  यही वजह है कि इस रिपोर्ट में भारत को एक हंगर हॉटस्पॉट के रूप में प्रदर्शित किया गया है। यदि 2020 के आंकड़ों को देखें तो भारत में करीब 19 करोड़ लोगो कुपोषण का शिकार हैं। वहीं पांच वर्ष से कम उम्र के करीब एक तिहाई बच्चों का विकास ठीक से नहीं हो रहा है।

जहां इस वायरस की चपेट में आने के बाद भारत में लोगों की दाल जैसी आवश्यक खाद्य पदार्थों की खपत में 64 फीसदी की गिरावट आई है।  वहीं हरी सब्जियों की खपत में 73 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। देश में 70 फीसदी  से अधिक लोगों ने माना है कि महामारी के पहले की तुलना में उनके भोजन की मात्रा में कमी आई है। 

इसके लिए काफी हद तक आय में आई कमी जिम्मेवार है। देश में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का ठीक से क्रियान्वयन न होना भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेवार हैं।  वहीं स्कूलों के बंद होने का भी कहीं न कहीं हाथ है। देश के 15 राज्यों में 47,000 परिवारों पर किए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि बड़े पैमाने पर नौकरी छूटने के कारण खासकर अनौपचारिक क्षेत्र में परिवार ने अपनी आय का 60 फीसदी से अधिक हिस्सा खो दिया है। अकेले अप्रैल 2021 में करीब 80 लाख लोगों की नौकरियां छिन गई थी।  

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.