Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/janasankhya-badh-rahi-hai-lekin-paani-nahi.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | जनसँख्या बढ़ रही है लेकिन पानी नही | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

जनसँख्या बढ़ रही है लेकिन पानी नही

-वाटर पोर्टल,

यदि पृथ्वी पर पानी नहीं रहेगा तो क्या  होगा? इस प्रश्न का एक ही उत्तर नजर आता है- ‘सर्वनाश’।यह सिर्फ कल्पना  नहीं है, क्योंकि पिछले कुछ दशकों से  भूगर्भीय जल का जो  स्तर  है वो लगातार तेजी से गिरता जा रहा है,   ग्लेशियर  सिकुड़ते जा रहे है, अगर  पानी को बचाने के प्रति लोग गंभीर नहीं हुए तो एक दिन जरूर ऐसा आएगा जब  जल के साथ-साथ धरती से जीवन ही समाप्त हो जाएगा। यह कल्पना भयभीत करने वाली है । विज्ञान अभी तक पानी का कोई भी  विकल्प नहीं खोज पाया है। हो सकता शायद आने वाले वक्त में समूचे विश्व को  जल का कोई विकल्प मिल जाए। 

लेकिन अभी तो इस मामले में चिंता करने की जरूरत भी नही है । लोग मानते है  कि विश्व मे  दो तिहाई हिस्से में तो पानी है , तो पानी की कमी कैसे हो सकती है? ऐसे में लोगों को  यह जानना जरूरी है कि मानवीय जीवन जिस पानी के सहारे चलता है उसकी मात्रा पूरी पृथ्वी पर सिर्फ 05 से 10 प्रतिशत के आसपास है और उसी का  दोहन करके दुनिया वाले अपने बुरे समय  को निमंत्रण देने का काम कर रहे है 

नासा के वैज्ञानिक तमाम आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगा चुके हैं, यदि समय रहते पानी का संरक्षण नही किया गया तो वो दिन दूर नही जब पृथ्वी बंजर हो जाएगी। क्या वाकई  में ऐसा हो सकता है और इसका उत्तर है ऐसा जरूर हो सकता है। भविष्यवक्ता  तो यहां तक कह चुके है अगर  तीसरा विश्व युद्ध  होता है तो उसका सबसे बड़ा कारण पानी ही होगा। यह भी एक तरह का  मजाक जैसा लगता है लेकिन ऐसा हो भी सकता है।

सवाल ये उठता है कि पानी की कमी आखिर किस वजह से हो रही है,इसके लिए जिम्मेदार कौन है, तो अनेक कारणों में से सबसे प्रमुख कारण  बढ़ती जनसंख्या म है। जैसे-जैसे आबादी बढ़  रही है  वैसे-वैसे पानी की मांग में भी बढ़ोतरी होती जा रही है।जनसंख्या तो जरूर बढ़ रही है लेकिन जल कि स्थिति में कोई इजाफा नही हो रहा है । झील और तालाब सूखने के कगार पर पहुँच गए हैं, ग्लेशियर सिकुड़ रहे हैं, प्रदूषित हो रही नदियों का पानी पीने तो छोड़िए नहाने योग्य भी नहीं  बची है और  जलस्रोतों  का रखरखाव करना कोई चाहता नहीं है,इसलिये  भूगर्भ जल का स्तर घटता ही चला जा रहा है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.