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लद्दाख: बढ़ते तापमान व ब्लैक कार्बन से पिघलते ग्लेशियर, आपदा की आशंका

मोंगाबे हिंदी, 19 दिसंबर

पश्चिमी हिमालय के ग्लेशियर, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लिए पानी के स्रोत हैं। शोधकर्ताओं ने विभिन्न अध्ययनों में पाया है कि, ब्लैक कार्बन और ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ने के कारण ये जल-स्रोत तेजी से पिघल रहे हैं, जिसकी वजह से बर्फ से ढके इस इलाके की सफेदी कम हो रही है।

हाल के एक अध्ययन में, उपग्रह से मिले डेटा का उपयोग करके लद्दाख क्षेत्र के द्रास बेसिन में लगभग 77 ग्लेशियरों का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन में 2000 से 2020 के बीच इन ग्लेशियरों के सिकुड़ने, मुहाने के पीछे हटने, बर्फ की मोटाई में बदलाव, और पिघले बर्फ के वेग में बदलाव की जांच के आधार पर मूल्यांकन किया गया।

अध्ययन के नतीजों से पता चला कि 2000 से 2020 के बीच द्रास क्षेत्र के ग्लेशियर 1.27 मीटर पतले हो गए हैं। इस इलाके में बढ़ते तापमान के अलावा, ब्लैक कार्बन 330 नैनोग्राम से बढ़कर 680 नैनोग्राम हो गया है।

अर्थ साइंटिस्ट (भू-वैज्ञानिक) और ग्लेशियोलॉजिस्ट शकील अहमद रोमशू, इस अध्ययन के सह-लेखक हैं, उन्होंने बताया कि ब्लैक कार्बन और ग्लेशियरों के पिघलने के बीच सीधा संबंध है।
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