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COP26: विश्व के नेताओं ने जंगलों की कटाई रोकने का संकल्प किया, इधर तमिलनाडु वन विभाग ने महत्वाकांक्षी योजना तैयार की

-गांव कनेक्शन,

स्काटलैंड के शहर ग्लासगो में चल रहे 2021 के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, COP26 का आज 12 नवंबर को समापन हो जाएगा। दुनिया के तमाम देश इसके परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन तमिलनाडु का वन विभाग इस दिशा में काम करने के लिए पहले से ही तैयार है। तमिलनाडु सरकार और उसके वन विभाग ने हाल ही में, अपने समृद्ध वन भंडार, वनस्पतियों और जीवों को सुरक्षित और संरक्षित करने की योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत, तमिलनाडु और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और रामनाथपुरम में चार केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। साथ ही, कोयंबटूर/मुदुमलाई, तिरुनलवेली और तिरुचिरापल्ली में तीन अत्याधुनिक बचाव, उपचार और पुनर्वास केंद्रों की स्थापना भी की जाएगी। इस योजना को लेकर सरकारी आदेश 9 नवंबर और 29 अक्टूबर को जारी कर दिए गए थे।

पर्यावरण और वन, तमिलनाडु, की प्रधान सचिव सुप्रिया साहू ने इस योजना को लेकर गांव कनेक्शन से बातचीत की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जाने वाली योजना के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये महत्वपूर्ण कदम थे। जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, COP26, अन्य बातों के अलावा, वनों, उसकी वनस्पतियों और जीवों के विनाश को कम करने के लिए विचार-विमर्श कर रहा था। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन को कम करने और बढ़ते वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वन्यजीव अपराध, वन विभाग की मुख्य चिंताओं में से एक है, जिसने पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर रूप से अस्थिर कर दिया है। प्रमुख सचिव कहती हैं, "संगठित अवैध वन्यजीव गतिविधियों से भारी खतरा है। इसका जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है। तमिलनाडु और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो इसका मुकाबला करेगा।" दूसरी तरफ, बचाव, उपचार और पुनर्वास केंद्र, जंगल और उसमें रहने वाले जानवरों के स्वास्थ्य की देखभाल करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये संस्थान वन प्रबंधन और संरक्षण के मुद्दों को देखने के नजरिए में बदलाव लेकर आएंगे। तमिलनाडु में 15 वन्यजीव अभ्यारण्य, 15 पक्षी अभ्यारण्य, 5 बाघ अभ्यारण्य, 4 हाथी अभ्यारण्य, 5 राष्ट्रीय उद्यान और 3 जीवमंडल भंडार(बायोस्फीयर रिजर्व) हैं। कैद से संरक्षण तक राज्य के वन विभाग ने पिछले कुछ महीनों में अप्रत्याशित घटनाएं देखी है जिसके बाद वनों के संरक्षण प्रयासों को बढ़ाने और एक ठोस व सुनियोजित रणनीति बनाए जाने की जरुरत महसूस की गई। अगस्त 2021 की शुरुआत में, तमिलनाडु के वन अधिकारी, वन्यजीव उत्साही और स्थानीय निवासी एक जंगली हाथी रिवाल्डो, के ठीक होने का इंतजार कर रहे थे। जंगली हाथी रिवालडो को लगी चोटों का तीन महीने से इलाज किया जा रहा था। ठीक होने के बाद उसे नीलगिरी के मुदुमलाई वन रिजर्व में छोड़ दिया गया। तमिलनाडु वन विभाग के अधिकारी इस बात से उत्साहित हैं कि रिवाल्डो फिर से जंगल में लौट गया है। उसे कुछ समय से रिहायशी इलाकों में नहीं देखा गया है।

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