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कोरोना वायरस: राजस्थान में फंसे बिहार, यूपी, झारखंड समेत कई राज्यों के छात्र

-बीबीसी,

देशभर में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के कारण लॉकडाउन को 14 अप्रैल से बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया है.

लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए देशभर से आए छात्र फंस गए हैं.

"हम पूरी तरह से फंस चुके हैं कोटा में. सोचा था निकलने का कोई ज़रिया निलेगा, लेकिन गवर्नमेंट और कोचिंग की तरफ़ से कोई मदद नहीं मिला है. मैं झारखंड से कोटा नीट की तैयारी करने आया था, एक महीना पहले ही हमारी टेस्ट सिरीज़ बंद हुई थी. उसके बाद लॉकडाउन लगने के कारण हम घर नहीं जा पाए. हम इंतज़ार कर रहे थे कि जैसे ही लॉकडाउन ख़त्म होगा तो हम यहां से निकल जाएंगे. लेकिन अब दूसरी बार भी लॉकडाउन लग चुका है."

यह कहना है झारखंड से कोटा पढ़ने आए प्रशांत कुमार का, जो किसी तरह अपना एक-एक दिन कोटा में काट रहे हैं.

बिहार में जमुई के रहने वाले रितिक बताते हैं, ''हमारा राज्य हमें बुला नहीं रहा है, हमें वहां आने के लिए इजाज़त नहीं दे रही है. यहां से बच्चे परमिशन लेकर जा रहे हैं तो उन्हें आधे रास्ते से ही या बॉर्डर से रिटर्न कर दिया जा रहा है. हम बच्चों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है.''

रितिक कहते हैं कि वो लोग तो यहां फंसे हुए हैं, यहां न तो पढ़ाई हो पा रही है और खाने के लिए भी उन्हें बहुत दिक्क़त हो गयी है.

कोटा संभाग के डिविज़नल कमिश्नर लक्ष्मीनारायण सोनी बीबीसी को बताते हैं कि बिहार सीमा पर कुछ लोगों को रोक दिया था, फिर हमें डायरेक्शन मिले कि किसी को मूवमेंट नहीं करना है तो अभी मूवमेंट रोक दिया है. यह इंटरस्टेट मैटर है, इसे उच्च स्तर पर संभाल रहे हैं.

आयुक्त सोनी आगे कहते हैं कि अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स के लिए सरकार ने आठ हेल्पलाइन नंबर दिए हुए हैं.

कमिश्नर लक्ष्मीनारायण के अनुसार यह आठों टीमें छात्रों के लिए खाने-पीने, पढ़ाई, मेडिकल और काउंसलिंग जैसी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही हैं.

शिक्षा का गढ़ है कोटा
देशभर के राज्यों से कोटा में तैयारी के लिए सालाना क़रीब डेढ़ लाख छात्र कोटा आते हैं.

कोटा राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग के लिए पहचाना जाता है.

अन्य राज्यों के अलावा यहां राजस्थान के भी अलग-अलग ज़िलों से छात्र आते हैं.

हालांकि, लॉकडाउन होने से पहले ही वह घर निकल गए हैं और राजस्थान से बाहर के राज्यों के स्टूडेंट्स कोटा में ही फंस गए हैं.

'घर वाले हैं परेशान'

उत्तर प्रदेश के कानपुर से कोटा तैयारी करने आईं तान्या बताती हैं, ''लॉकडाउन बढ़ चुका है और अब हमारे घरवाले हमारी चिंता में बहुत परेशान हो रहे हैं. अब हम लोग भी घर जाना चाहते हैं, यहां खाना भी बाहर से आता है तो रिस्क बढ़ गया है. हम सब घर जाना चाहते हैं, लेकिन यहां कोई भी व्यवस्था नहीं है.''

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से कोटा तैयारी करने आए अरुणेश कुमार प्रजापति बताते हैं कि वे तीन दोस्त गोरखपुर से ही हैं और यहां कोचिंग करते हैं. लेकिन लॉकडाउन के कारण न तो उनकी पढ़ाई ठीक से हो पा रही है और न ही वो घर जा पा रहे हैं.

अरुणेश कहते हैं, ''हॉस्टल मेस में खाना बनाने का तरीक़ा भी सुरक्षित नहीं लगता है. इसलिए हम पढ़ाई पर ध्यान भी नहीं दे पा रहे हैं. अभी तो बस दिमाग़ में यही चल रहा है कि कैसे भी सुरक्षित घर पहुंच जाएं.''

बिहार के पूर्णिया ज़िले से कोटा मेडिकल की तैयारी करने आए निर्मल कहते हैं, ''कोटा में कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं तो और भी डर लगने लगा है. हम रात को डर की वजह से सो नहीं पा रहे हैं, न जाने आगे क्या होगा. बाहर जा कर कोचिंग संस्थान से खाना लाने में भी डर लगने लगा है. यहां हम परेशान हैं और घर पर परिवार वाले भी चिंतित हैं, हम घर जाना चाहते हैं.''

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