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कोविड-19 वैक्सीन की दो अरब डोज़ बनी लेकिन कहाँ गईं?

-बीबीसी, 

कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया को तबाह करने वाली साबित हुई है. लेकिन इतने कम समय में हम कोरोना वैक्सीन की दो अरब डोज़ बना रहे हैं और यह संक्रमण को रोकने की लड़ाई में मील का पत्थर है.

अच्छी ख़बर है कि इस साल के अंत तक एक अुनमान के मुताबिक़ दुनिया भर के 5.8 अरब वयस्कों के टीकाकरण के लिए वैक्सीन की डोज़ उपलब्ध हो जाएगी.

बुरी ख़बर है कि वैक्सीन का उत्पादन भौगोलिक रूप से केंद्रीकृत है. साथ ही कुछ देश इसका संग्रह कर रहे हैं.

ऐसे में सभी को वैक्सीन पहुँचाने के विचार को झटका लगा है. चलिए दुनिया में वैक्सीन की उपलब्धता को प्रभावित करने वाले कुछ कारकों पर एक नजर डालते हैं-

ड्यूक्स ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन सेंटर (जीएचआईसी) के मुताबिक़, इस साल 12 अरब से ज्यादा डोज़ का उत्पादन हो सकता है.

वैक्सीन के उत्पादन और आपूर्ति पर निगरानी रखने वाली एनालिटिक्स फर्म एयरफिनिटी के अनुमान के मुताबिक़, साल 2021 में 11.1 अरब से ज़्यादा वैक्सीन की डोज का उत्पादन हो सकता है.

एयरफिनिटी के मुताबिक़, पाँच साल और उससे ज़्यादा उम्र की 75 फ़ीसदी वैश्विक आबादी को टीका लगाने के लिए 10.82 अरब डोज़ पर्याप्त होंगी.

ड्यूक्स ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन सेंटर की असिस्टेंट डायरेक्टर एंड्रिया टेलर ने बीबीसी को बताया, ''महामारी ने दिखा दिया है कि पूरी दुनिया में वैक्सीन का उत्पादन समान रूप से नहीं हो पा रहा है.''

वैक्सीन के उत्पादन की जगह बहुत मायने रखती है. ज़्यादातर वैक्सीन का उत्पादन अमेरिका और यूरोप में हो रहा है. इन देशों को वैक्सीन की डोज़ पहले मिल रही है क्योंकि वहीं पर वैक्सीन का उत्पादन हो रहा है.

ये देश निर्यात पर प्रतिबंध लगाने जैसे तरीक़ों का इस्तेमाल करके ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि वैश्विक बाज़ार से पहले उनके नागरिकों को वैक्सीन मिले.

आपूर्ति चेन से जुड़ीं चुनौतियाँ
वैक्सीन के उत्पादन में एक और बड़ी चुनौती है, सप्लाई चेन. वैक्सीन में लगने वाले कच्चे माल की आपूर्ति से लेकर तकनीक और विशेषज्ञता तक, देशों के बीच आपूर्ति नेटवर्क अच्छी स्थिति में नहीं है. नतीजतन,

कई जगहों पर जहाँ नई डोज़ बननी थी, वहाँ उत्पादन ठप पड़ चुका है. (देखिए नक्शे में)

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कोविड वैक्सीन
ये अड़चनें वैक्सीन उत्पादन को कई तरह से प्रभावित कर रही हैं. एयरफिनिटी के अनुमान के मुताबिक़, इस साल वैश्विक आपूर्ति में तीन वैक्सीन का दबदबा कायम रहेगा- फ़ाइज़र/बायोएनटेक (2.47 अरब डोज़), ऑक्सफ़ोर्ड/एस्ट्राज़ेनेका (1.96 अरब डोज़) और सिनोवैक (1.35 अरब डोज़).

अभी तक, फ़ाइज़र और सिनोवैक उत्पादन के शुरुआती लक्ष्य को पूरा करने में सफल रही हैं. हालांकि, एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन ने इस साल वैक्सीन की 3 अरब डोज बनाने की योजना बनाई थी.

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी अलग-अलग जगहों पर वैक्सीन का उत्पादन कर रहे साझेदारों पर निर्भर थी. इसके लिए वैक्सीन बनाने की तकनीक और विशेषज्ञता के हस्तांतरण की भी ज़रूरत पड़ती है.

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.