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किसानों और मजदूरों का होगा मुफ्त दुर्घटना बीमा

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा की है कि राज्य के पांच हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसान, भूमिहीन किसान, मनरेगा मजदूरों व खेतिहर मजदूरों का सरकार दुर्घटना बीमा मुफ्त में करायेगी. हरेक व्यक्ति पर सरकार सालाना 12 रुपये खर्च करेगी. इसके साथ-साथ रिक्शा चालकों, ठेलावालों को भी यह सुविधा दी जायेगी. इससे लोगों को सामाजिक सुरक्षा मिल पायेगी. 

मुख्यमंत्री सोमवार को होटवार स्थित खेलगांव परिसर में आयोजित दुग्ध उत्पादक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर दुग्ध उत्पादकों के बीच 52 लाख रुपये लाभांश के रूप में बांटा गया. मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से 18 पशुपालकों के बीच लाभांश की राशि, मिल्क केन और सहजन का पौधा बांटा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर गरीब ग्रामीणों को गाय देने का लक्ष्य रखा है. सरकार की ओर से दो गाय वाली स्कीम शत प्रतिशत अनुदान पर चलायी जायेगी. राज्य में 20 पशु हॉस्टल का निर्माण चालू वित्तीय वर्ष में कराया जायेगा. यहां वैसे किसान अपना जानवर रख सकते हैं, जिनके पास रखने की व्यवस्था नहीं है. इसके संचालन का खर्च पशुपालकों के दूध से होनेवाली आय से लिया जायेगा. इसका संचालन पीपीपी मोड या गांव की कोऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से होगा.

पशु चिकित्सकों को दी चेतावनी: मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु चिकित्सक कार्य स्थल पर नहीं रहते हैं. यह उनके लिए अंतिम चेतावनी है. अब पशु चिकित्सकों को वेतन तभी मिलेगा, जब किसान लिख कर देंगे कि आज मेरे जानवर का इलाज डॉक्टर ने किया. पशुपालन विभाग को आरोग्य मेला लगाने का निर्देश भी सीएम ने दिया. कहा कि इसका आयोजन गांव में होना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने पशुपालकों को अपनी-अपनी समस्या बताने को कहा गया. इस पर लोहरदगा की प्रेमावती देवी ने कहा कि पशु चिकित्सक जानवरों का इलाज करने नहीं आते हैं. बुलाने पर कोई ना कोई बहाना बना देते हैं. सुषमा लकड़ा ने बताया कि गाय पाल कर ही वह अपने बच्चों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करा रही है. मांडर के विनोद सिंह ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में अच्छा करनेवाले गांव की सड़क दुरुस्त होनी चाहिए.

जेएमएफ से जुड़े पशुपालकों को भी लाभ

एनडीडीबी के अध्यक्ष टी नंद कुमार ने कहा कि झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) से जुड़े पशुपालकों को दुघर्टना व सामान्य बीमा का लाभ दिया जायेगा. पशुपालकों पर एनडीडीबी हर साल 352 रुपये खर्च करेगी. मेघा लक्ष्मी स्कीम के तहत सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन करनेवाली महिलाओं को 10 हजार और पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा. भारत सरकार ने झारखंड को राष्ट्रीय दुग्ध परियोजना में शामिल किया है. इसका लाभ राज्य को मिलेगा. इसके तहत किसानों को जानवरों के संतुलित आहार की जानकारी भी दी जायेगी.

दुग्ध उत्पादन में 355 सहकारी समितियां लगी हैं : डॉ प्रदीप

पशुपालन विभाग के सचिव डॉ प्रदीप कुमार ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन में 355 सहकारी समितियां लगी हुई है. अगले चार साल में राज्य के 17 जिलों को दुग्ध उत्पादक अभियान से जोड़ दिया जायेगा. 

जेएमएफ के एमडी बीएस खन्ना ने बताया कि अभी राज्य के 10 जिले में एनडीडीबी काम कर रहा है. 42 हजार लीटर दूध किसानों से संग्रह हो रहा है. पांच-छह गांव मिला कर एक बल्क मिल्क कूलर का निर्माण किया जायेगा. इस मौके पर कृषि सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने भी विचार रखा. धन्यवाद ज्ञापन निदेशक, गव्य डॉ आलोक कुमार पांडेय ने किया.