Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/खतर-म-ख-द-य-उत-प-दन-बढ़त-त-पम-न-स-भ-रत-म-73-फ-सद-तक-घट-सकत-ह-क-स-न-क-श-रम-उत-प-दकत.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | खतरे में खाद्य उत्पादन, बढ़ते तापमान से भारत में 73 फीसदी तक घट सकती है किसानों की श्रम उत्पादकता | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

खतरे में खाद्य उत्पादन, बढ़ते तापमान से भारत में 73 फीसदी तक घट सकती है किसानों की श्रम उत्पादकता

डाउन टू अर्थ, 22 जनवरी
 

कहते हैं जब किसान का पसीना धरती पर गिरता है तो दाना उपजता है, जो धरती पर करोड़ों लोगों का पेट भरता है। इसमें शक नहीं की खेती-किसानी बड़ी मेहनत का काम है। इसके लिए किसानो को तपती गर्मी, बारिश और हाड़ गला देने वाली सर्दी की परवाह किए बिना जूझना पड़ता है।

लेकिन बढ़ता तापमान देश के इन मेहनतकश किसानों को भी आजमा रहा है। इसका सीधे तौर पर खामियाजा उनकी घटती श्रम उत्पादकता के रूप में चुकाना पड़ रहा है। जो न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में किसानों और कृषि श्रमिकों के काम करने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। लेकिन यह किस हद तक उनकी क्षमता को प्रभावित कर रहा है, उसे समझना बेहद जरूरी है।

अंतराष्ट्रीय शोधकर्ताओं द्वारा इस बारे में किए अध्ययन से पता चला है कि बढ़ते तापमान के चलते सदी के अंत तक भारतीय किसानों की श्रम उत्पादकता 43 फीसदी तक गिर सकती है। इसका मतलब है की देश का किसान पैदावार के मौसम में जितना काम कर सकता है, उसका केवल 57 फीसदी ही कर पाएगा। वहीं यदि साल के सबसे गर्म 90 दिनों की बात करें तो वैज्ञानिकों का अनुमान है कि उस दौरान देश के किसानों की श्रम उत्पादकता घटकर महज 27 फीसदी रह जाएगी। मतलब की इस दौरान उनकी श्रम उत्पादकता में 73 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

ऐसे में किसानों को समान काम के लिए कहीं ज्यादा श्रमिकों की आवश्यकता होगी और यदि वो उपलब्ध नहीं हैं तो उन्हें इसकी कीमत अपनी पैदावार के रूप में चुकानी होगी। इसकी वजह से न केवल किसानों की आय पर बल्कि साथ ही खाद्य सुरक्षा और देश के आर्थिक विकास पर भी असर पड़ेगा।
पूरी खबर- डाउन टू अर्थ