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चुनावी चावल से लगी 5 सौ करोड़ की चपत, हर महीने मिलते रहा 35 किलो चावल

रायपुर. राज्य सरकार ने चुनाव के ठीक पहले बनाए गए जिन छह लाख राशनकार्डों को निरस्त किया है उनसे सरकार को 500 करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है। विधानसभा चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिकार कानून के तहत अभियान चलाकर ये राशन कार्ड बनाए गए थे। इन्हें सालभर तक 35 किलो चावल हर महीने दिया गया। अब सरकार ने एक सदस्य वाले इन कार्डों को अपात्र घोषित कर दिया है।
 
प्रदेश में एक सदस्य वाले राशन कार्डों की संख्या 7 लाख 94 हजार है। सरकार के नए निर्देश से इनमें से छह लाख राशन कार्ड निरस्त हो रहे हैं। सरकार इन्हें फर्जी मान रही है। इन्हें पिछले साल मई से हर महीने चावल दिया जा रहा है। चावल का लागत मूल्य 21 रुपए प्रति किलो है। हर महीने 35 किलो यानी 735 रुपए। इसमें से हितग्राही 35 रुपए ही देता है। यानी सरकार अपने खजाने से हर राशन कार्ड पर 700 रुपए सब्सिडी देती है। 12 महीने में यह सब्सिडी 8400 रुपए हो जाती है। सरकार ने छह लाख राशन कार्ड को फौरी तौर पर फर्जी माना है, यानी 504 करोड़ रुपए का चावल इन राशन कार्डों से वितरित किया जा चुका है।
 
दरअसल चुनाव के पहले आनन-फानन में राशन कार्ड बने थे जिनका सही तरीके से सत्यापन नहीं कराया गया। अधिकारियों का मानना है कि कई ऐसे कार्ड बन गए हैं जो परिवार की परिभाषा में नहीं आते। इन्हें निरस्त किया जा रहा है।
 
कांग्रेस की समितियां रखेंगी नजर
 
राज्य सरकार के राशन कार्डों के सत्यापन और उन्हें निरस्त करने के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। उसने इसकी निगरानी के लिए पंचायत, ब्लाक और नगरीय निकाय स्तर पर कमेटियां गठित करने का फैसला किया है। 
 
यदि किसी पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड निरस्त होता है तो पार्टी तुरंत विरोध दर्ज कराएगी। यही नहीं 7 जून को चावल उत्सव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता हर राशन दुकान में मौजूद रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य के पीडीएस सिस्टम में हर साल एक हजार करोड़ रुपए का घोटाला हो रहा है। चुनाव के पहले राजनैतिक लाभ लेने के लिए रमन सरकार ने राशन कार्ड बनवाए, अब जनादेश मिलने के बाद इन्हें निरस्त करने के लिए जांच की जा रही है। हकीकत यह है कि फर्जी एवं अपात्र लोगों के राशन कार्ड निरस्त नहीं होते और गरीबों व वाजिब हक रखने वाले के राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाते हैं।  कार्ड सत्यापन के नाम पर भोले-भाले गरीब लोगों को सताया जा रहा है। 
 
कार्ड निरस्तीकरण की सारी कार्रवाई पर कांग्रेस नजर रखेगी और इसके लिए अंतिम समय तक लड़ाई लड़ेगी। किसी भी पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड निरस्त नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। बघेल ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारी हर घर में जाकर चूल्हा देख रहे हैं। घर में चूल्हा एक साथ है या अलग-अलग, इसकी जांच की जा रही है। सरकार परिवार को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हर साल चुनाव के बाद राशन कार्ड निरस्त करना भाजपा सरकार की फितरत बन गई है। पिछले विधानसभा चुनाव के बाद पांच लाख राशन कार्ड निरस्त किए गए थे। इस बार 14 लाख राशन कार्ड फर्जी बने हैं।
 
पति-पत्नी और बच्चे माने जाएंगे परिवार में
 
खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले का कहना है कि लोगों ने परिवार की परिभाषा को गलत मान लिया। शादीशुदा पति-पत्नी और उनके बच्चों को एक परिवार माना जाएगा। लेकिन कई लोगों ने पिता या नाबालिग और अविवाहित के नाम पर राशन कार्ड बनवा लिए हैं, इन्हें पात्रता नहीं मिलेगी। एक सदस्य वाले राशन कार्ड उनके  ही मान्य होंगे जो निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता, नि:शक्त, एड्स पीडि़त, बौने की श्रेणी में आते हों।
 
एकल कार्ड होंगे मर्ज
 
राज्य सरकार के नए निर्देशों के अनुसार एक सदस्य वाले राशन कार्डों को अब उनके मूल परिवार में मर्ज किया जाएगा। यानी अब उन्हें 35 किलो चावल नहीं मिलेगा। उन्हें उनके मूल परिवार में माना जाएगा।