Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/ध-न-क-फसल-क-ल-ए-प-र-क-त-क-क-टन-शक-ह-चमग-दड-असम-म-एक-अध-ययन-म-आय-स-मन.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | धान की फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक हैं चमगादड़,असम में एक अध्ययन में आया सामने | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

धान की फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक हैं चमगादड़,असम में एक अध्ययन में आया सामने

मोंगाबे हिंदी, 12 जनवरी

असम में हाल ही में किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि चमगादड़ धान की फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक हो सकते हैं। 2019 के साली (सर्दियों) चावल की किस्म पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि कीटभक्षी चमगादड़ कीटों को संख्या को बढ़ने नहीं देते और चावल की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करते हैं। इनकी वजह से उपज की रक्षा होती है। 

एग्रीकल्चर, इकोसिस्टम्स एंड एनवायरमेंट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के शोधकर्ताओं में से एक इकबाल भल्ला ने बताया, “इसमें कोई शक नहीं है कि चमगादड़ खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में निश्चित तौर पर हमें इस सवाल का जवाब भी मिल जाएगा कि भारतीय कृषि में उनका आर्थिक महत्व कितना है?” 

कृषि में कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के लिए भारत में 1992 में एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसका संबंध कृषि उत्पादन में कीटों को नियंत्रित करने के लिए जैविक, सांस्कृतिक और रासायनिक तरीकों के एक साथ इस्तेमाल से है। इस कार्यक्रम में सालों से कृषि कीटों को नियंत्रित करने के लिए मछली, मेंढक, परजीवी और बत्तख जैसे प्राकृतिक शिकारियों का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
पूरी खबर- मोंगाबे हिंदी