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धनबाद में चाल धंसने से चार की मौत

निरसा: चिरकुंडा से सात किमी दूर बीसीसीएल सीवी एरिया की बसंती माता कोलियरी के सुशील इंक्लाइन में चाल धंसने से मैनेजर सहित चार मजदूरों की मौत हो गयी. तीन लोग घायल हो गये. घटना सोमवार दिन के करीब 11.15 बजे की है.

बताया जाता है कि मलबे में दर्जनों मजदूर फंसे हैं. सूचना के अनुसार, हर दिन की तरह सोमवार को भी करीब 259 मजदूर और अधिकारी इंक्लाइन में गये थे. इनमें कुछ अंदर ही रह गये हैं. बीसीसीएल के डीटी (डायरेक्टर टेकिAकल) अशोक सरकार ने एक की मौत और तीन लोगों के फंसे होने की पुष्टि की है. घटना के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया. खदान के बाहर भीड़ जुट गयी. कई अधिकारी और राजनीतिक दल के लोग भी पहुंच गये. बचाव व राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. रेसक्यू टीम के लोग शव और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में जुट गये हैं. देर शाम तक एक का शव निकाला जा सका था. बीसीसीएल के डीटी (डायरेक्टर टेक्निकल) अशोक सरकार अफसरों के साथ घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं.          

259 मजदूर व अधिकारी इंक्लाइन में प्रवेश किये थे
जानकारी के अनुसार, सोमवार को प्रथम पाली में काम करने के लिए 259 मजदूर व अधिकारी इंक्लाइन में प्रवेश किये थे. इंक्लाइन के फेज 15-16 में करीब 20 मजदूर कोयले की कटाई व भराई का काम कर रहे थे. अन्य मजदूर अलग-अलग फेज में कार्यरत थे. इस बीच फेज 16 नंबर लेबल के 21 नंबर डीप में मजदूरों को चाल दरकने का आभास हुआ. मजदूरों ने इसकी सूचना प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी को दी. उन्होंने सभी को बाहर आने का निर्देश दिया और खुद चाल देखने पहुंच गये. इसी बीच चाल गिर गयी. इसकी चपेट में आने से मैनेजर अरूप चटर्जी, एसडीएल ऑपरेटर लिटू साव, एग्सक्यूसिव कैरियर एस तारा, ट्रामर हरिलाल की मौत हो गयी. चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना में सुफल सोरेन व ट्रामर लाल मोहन सिंह घायल हो गये. सुफल को इलाज के लिए सेंट्रल अस्पताल धनबाद भेजा गया है. घटना में एसडीएल चंदन सेन बाल-बाल बच गये.

पहुंची रेसक्यू टीम
सूचना मिलने के बाद इसीएल व बीसीसीएल की रेसक्यू टीम पहुंची. टीम के लोग खदान में फंसे लोगों और शवों को निकालने में जुट गये. सूचना पर पहुंचे एजीएम एके सेन ने खदान के अंदर जाने का प्रयास किया, पर सफल नहीं हो पाये. सीवी एरिया के जीएम ताराशीष मंडल व एसडीओ अभिषेक श्रीवास्तव समेत विभिन्न ट्रेड यूनियन के नेता व राजनीति दल के लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता समेत अन्य नेताओं ने घटना को प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम बताया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

जीएम के प्रति रोष
घटने के बाद जीएम ताराशीष मंडल के तत्काल नहीं पहुंचने से कर्मियों में काफी आक्रोश था. घटना के दो घंटे बाद जीएम पहुंचे थे. जबकि उससे पूर्व डीटी अशोक सरकार धनबाद से पहुंच चुके थे.

कब क्या हुआ

11.15 बजे :        चाल धंसी

1.15 बजे :         डीटी अशोक कुमार पहुंचे

1.20 बजे :         जीएम ताराशीष मंडल पहुंचे

1.40 बजे :         इसीएल की रेसक्यू टीम पहुंची

2.45 बजे :         इसीएल की दूसरी रेसक्यू टीम पहुंची

हंगामे के बाद वापस लाया गया शवट्रामर हरिलाल के शव को निकाल कर गुपचुप तरीके से धनबाद भेज दिये जाने पर वहां उपस्थित लोगों ने जम कर हंगामा किया. उनका कहना था कि शव को यहां रखा जाना चाहिए था. मुआवजा आदि का फैसला होने पर ही शव भेजा जाना चाहिए था. एसडीओ अभिषेक श्रीवास्तव ने लोगों को उचित मुआवजा का आश्वासन दिया. पर लोग  शव को वापस लाने पर अड़े रहे. इसके बाद शव को वापस लाया गया.

घटनास्थल के बगल ओसीपी में हो रहा था ब्लास्ट
जिस खदान में घटना घटी, वहां से कुछ दूरी पर ओसीपी (खुली खदान) स्थित है. घटना के बाद भी ओसीपी में लगातार ब्लास्ट हो रहा था. मजदूर नेताओं का कहना है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि ब्लास्ट का कितना असर खदान की चाल पर पड़ रहा है.

कैंप कर रहे जवान
घटनास्थल पर सीआइएसएफ व पुलिस को तैनात कर दिया गया है. सीआइएसएफ के जवान के अलावा पंचेत, कालूबथान, चिरकुंडा, मैथन, कुमारधुबी व निरसा पुलिस कैंप कर रही है.

मृतकों में प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी भी शामिल


जिनकी मौत हुई

प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी, एसडीएल ऑपरेटर लिटू साव, एग्सक्यूसिव कैरियर एस तारा, ट्रामर हरिलाल (शाम करीब 5.45 बजे शव का निकाला गया)

घायल

सुफल सोरेन, ट्रामर लाल मोहन सिंह, एक अन्य मजदूर


20 फुट के क्षेत्रफल में धंसी चाल
मजदूरों के अनुसार, 20 बाई 20 फुट क्षेत्रफल की चाल धंसी है. यह काफी गंभीर माना जा रहा है. इतनी बड़ी चाल गिरने से स्पष्ट होता है कि मजदूर वहां असुरक्षित स्थिति में काम कर रहे थे.

 ‘‘मेन फॉल की वजह से हादसा हुआ. जांच के आदेश दे दिये गये हैं. किन परिस्थितियों में फॉल हुआ, इसका पता लगाया जायेगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी. टीके लाहिड़ी

         सीएमडी, बीसीसीएल

’’मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. डीजीएमएस की टीम घटनास्थल पर पहुंच गयी है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी. यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर हादसे की मुख्य वजह क्या है.  अखिलेश कुमार

डीडीजी, सेंट्रल जोन, डीजीएमएस

कैसे हुई घटना
इंक्लाइन के फेज 16 नंबर लेबल के 21 नंबर डीप में  मजदूरों को चाल दरकने का आभास हुआ. मजदूरों ने इसकी सूचना प्रोजेक्ट मैनेजर अरूप चटर्जी को दी. मैनेजर ने सभी को बाहर निकलने को कहा. खुद चाल देखने चले गये. इसी बीच चाल धंस गयी.

डीजीएमएस ने बताया था खदान को असुरक्षित
2009 में सुशील इंक्लाइन को डीजीएमएस (डायरेक्टरेट जेनरल ऑफ माइंस सेफ्टी) ने असुरक्षित घोषित करने के साथ ही बंद कर दिया गया था. छह माह पूर्व इसे पुन: चालू किया. मजदूरों का कहना है कि जिस स्थिति में इसे बंद किया गया था, उसी स्थित में चालू कर दिया गया.

सेफ्टी कमेटी की बैठक नहीं
बीसीसीएल सीवी एरिया की सेफ्टी कमेटी के सदस्य सुभाष सिंह ने बताया कि दो वर्ष से एरिया सेफ्टी कमेटी, एरिया जेसीसी की कोई बैठक नहीं हुई है. इस खदान को चालू करने से पूर्व भी एरिया सेफ्टी कमेटी की बैठक नहीं हुई.