Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/न-त-आय-ग-क-सदस-य-क-आश-क-भ-रत-2030-तक-ज-र-ह-गर-क-लक-ष-य-प-न-स-च-क-ज-एग.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | नीति आयोग के सदस्य की आशंका, भारत 2030 तक ज़ीरो-हंगर का लक्ष्य पाने से चूक जाएगा | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

नीति आयोग के सदस्य की आशंका, भारत 2030 तक ज़ीरो-हंगर का लक्ष्य पाने से चूक जाएगा

द वायर, 30 अक्टूबर

नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने बीते गुरुवार (26 अक्टूबर) को प्रति व्यक्ति खाद्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि के बावजूद 2030 तक जीरो-हंगर (Zero Hunger) लक्ष्य के चूकने की आशंका व्यक्त की.

मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कृषि उत्पादकता वृद्धि को सालाना 2 फीसदी से अधिक बढ़ाने, ताकि जनसंख्या में वृद्धि जारी रहने पर भी घरेलू खाद्य मांग को पूरा करने में कोई समस्या न हो, की वकालत करते हुए एक कार्यक्रम में ये टिप्पणियां कीं.

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में कृषि संबंधी उत्पादों की कीमतें अन्य वस्तुओं की तुलना में 26 फीसदी अधिक बढ़ी हैं. यह, बढ़ती खाद्य कीमतों और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के साथ मिलकर, भारत की कृषि उत्पादकता को जांच के दायरे में लाता है.

रमेश चंद के अनुसार, प्रति व्यक्ति खाद्य उत्पादन बढ़ने के बावजूद कुपोषण बढ़ गया है, खासकर पिछले आठ वर्षों में. उन्होंने इसके लिए बढ़ती खाद्य कीमतों को जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने आगे इस बात पर चिंता व्यक्त की कि भारत संभावित रूप से 2030 तक जीरो-हंगर लक्ष्य से चूक जाएगा.

गौरतलब है कि विश्व बैंक की 2015 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुपोषण अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों की तुलना में दो से सात गुना अधिक है. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की 2021 की रिपोर्ट में भी इन्हीं नतीजों की ओर संकेत किया गया है.

पूरी खबर- द वायर