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निजी भूमि के पेड़ों को काटना अब होगा आसान, 90 दिनों के भीतर मिलेगी अनुमति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी भूमि पर लगे पेड़ों को काटना अब आसान होगा। राज्य सरकार ने भू-राजस्व संहिता के तहत पेड़ों की कटाई के लिए प्रक्रिया तय कर दी है। पेड़ों की प्रजाति के हिसाब से तीन केटेगरी- हाईरिस्क, मीडियम रिस्क व लोरिस्क का निर्धारण किया गया है। ऑनलाइन आवेदन के 90 दिनों के भीतर अनुमति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अनुमति के बाद भूमि स्वामी को पेड़ काटने से पहले दोगुनी संख्या में पेड़ लगाने होंगे। इसके लिए उन्हें घोषणा पत्र भी देना होगा।

राजस्व विभाग के सचिव केआर पिस्दा ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र भेजकर निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा है। बताया गया है कि भू-राजस्व संहिता के तहत लोकहित को हानि पहुंचने व भूमि के कटाव की संभावना होने पर पेड़ों की कटाई पर पांबदी है। राजस्व पुस्तक परिपत्र में भी पेड़ों को काटे जाने के संबंध में हिदायतें दी गई हैं। साथ ही आदिमजाति जनजाति का संरक्षण (वृक्षों में हित) अधिनियम व नियम भी बनाए गए हैं। अब पेड़ों की कटाई से संबंधित प्रक्रिया को ऑनलाइन कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया लागू की जा रही है। नई प्रक्रिया के तहत पेड़ को भूमि की सतह के समीप से ही काटा जाएगा, लेकिन जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

सभी श्रेणी के पेड़ों की कटाई के अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए पूरी प्रक्रिया 90 दिन के भीतर पूरी करनी होगी। तय समय-सीमा में सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र या आवेदन की मंजूरी या निरस्त किए जाने संबंधी कार्रवाई नहीं किए जाने पर ऑनलाइन आवेदन स्वमेव मंजूर मान लिया जाएगा। इसे किसी भी स्थिति में किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा निरस्त नहीं किया जा सकेगा।

हाईरिस्क- इस श्रेणी में इमारती प्रजाति के पेड़ आते हैं। इन पेड़ों की की कटाई के लिए राजस्व व वन दोनों विभाग के अधिकारियों का स्थल निरीक्षण व प्रतिवेदन जरूरी है। ऑनलाइन आवेदन के बाद तहसीलदार को वन विभाग के सक्षम अधिकारी के साथ स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन दो दिन के भीतर अपलोड करना होगा। इसके आधार पर पेड़ों की कटाई की अनुमति दी जा सकेगी।

मीडियम रिस्क- इस श्रेणी में भू-राजस्व संहिता के तहत प्रतिबंधित फलदार प्रजाति के पेड़ शामिल हैं। इन पड़ों की कटाई के लिए भी कलेक्टर की अनुमति आवश्यक है। पेड़ों के सूखने की स्थिति में ग्राम पंचायतें भी अनुमति दे सकती है। लेकिन भूमि स्वामी को काटे जाने वाले पेड़ के एवज में दोगुने पेड़ लगाने होंगे या प्रति पेड़ डेढ़ सौ रुपए की दर से राशि पंचायत में जमा करानी होगी।

लो-रिस्क- इस श्रेणी के पेड़ को काटे जाने के लिए भूमि स्वामी को घोषणा पत्र देना होगा कि काटे जाने के लिए प्रस्तावित कोई भी पेड़ इमारती या फलदार प्रजाति के पेड़ नहीं है। भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है। किसी नदी, तालाब, झरने के किनारे नहीं है।