Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/बजट-से-किसान-नाराज-नहीं-दिखता-संकट-से-निकलने-का-कोई-रास्ता-13779.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | बजट से किसान नाराज, नहीं दिखता संकट से निकलने का कोई रास्ता | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

बजट से किसान नाराज, नहीं दिखता संकट से निकलने का कोई रास्ता

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना दूसरा बजट 2020-21 पेश करते समय यह ऐलान किया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है लेकिन किसानों का कहना है कि इस बजट में हमारे संकट का कोई समाधान नहीं है। वित्त मंत्री ने आम बजट में किसानों की भलाई के लिए वादे तो बहुत किए हैं, लेकिन इसके मुकाबले आवंटन किया केवल 2.83 लाख करोड़ का, जोकि पर्याप्त नहीं है।

इस बार किसानों के लिए पूरा बजट ही "जीरो" है

देशभर के 250 से ज्यादा किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (‌एआईकेएससीसी) के संयोजक वीएम सिंह ने आउटलुक को बताया कि पिछली बार बजट में किसानों के लिए "जीरो बजट" खेती थी, इस बार किसानों के लिए पूरा बजट ही "जीरो" है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि सरकार बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठायेगी, लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी से ज्यादा आबादी गांव में रहती है। केंद्र सरकार अगर फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागत का डेढ़ गुना, यानि सी2 के आधार पर तय करती है तो किसानों को एक एकड़ पर करीब 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। किसान इस राशि का खर्च करेगा, तो इकोनॉमी अपने आप ही बूस्ट हो जायेगी।

यह बजट किसानों को और कर्जवान बनायेगा

उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में घोषणा की है कि 15 लाख करोड़ रुपये का ऋण मिलगा, इस देश का किसान पहले ही कर्ज के बोझ तले दबाव हुआ है, उनकी जमीन बैंकों के पास गिरवी रखी है। उपर से कृषि कर्ज को और बढ़ा दिया, जबकि हम सरकार से शुरू ही मांग करते आ रहे हैं कि देशभर के किसान को संपूर्ण कर्ज माफी चाहिए। सरकार ने फसलों की खरीद की इस बजट में कोई गारंटी नहीं दी। सरकार ने कहा कि 11 हजार करोड़ किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिला, इससे किसानों के बजाए बीमा कंपनियों को फायदा मिला है।

बजट में किसानों के लिए दावों के अलावा कुछ नहीं

स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता और पूर्व लोकसभा सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि सरकार ने बजट में किसानों के लिए बातें तो बहुत की है, लेकिन किसानों की दशा सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के साथ ही कपास उद्योग हो या फिर डेयरी सेक्टर के लिए कुछ नहीं किया। सरकार ने घोषणा है कि 20 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जायेंगे, जबकि देशभर में 14.50 करोड़ किसान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए नए बाजार या फिर उत्पादक क्षेत्रों में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। किसानों के लिए की गई घोषणाओं के मद्देनजर, कृषि में कुल आवंटन बहुत कम किया गया है।
 
पूरा लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.