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बोवनी नहीं हो पाई तो भी फसल बीमा के दायरे में : मोदी

भोपाल। सालभर पहले जो लोग मुझ पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते थे, वे भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कारण चुप हो गए हैं। इस योजना में गांव के एक किसान को नुकसान हुआ तो भी उसे क्लेम मिलेगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सीहोर जिले के शेरपुर गांव में किसान महासम्मेलन में फसल बीमा की गाइडलाइन जारी करने के दौरान कही। मोदी ने कहा कि किसान यदि कम बारिश होने के कारण खेत में बोवनी नहीं कर पाता है तो भी वो फसल बीमा के दायरे में आएगा।

उसे औसत उत्पादन का 25 प्रतिशत तक मुआवजा मिलेगा। अप्रैल में एग्रीकल्चर मार्केट स्कीम उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि 2022 तक अनाज उत्पादन दोगुना करने का संकल्प लें, दुनिया के बाजार पर हमारा कब्जा होगा। लाखों किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहब आंबेडकर की जयंती के दिन केंद्र सरकार नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट स्कीम की शुरूआत करेगी। इसके जरिए किसान देश की किसी भी मंडी में अच्छे दाम पर अपनी फसल बेच सकेंगे। उन्हें सारे शहरों के भाव ऑनलाइन व मोबाइल पर मिल जाएंगे।

डिजीटल इंडिया के तहत देश की 550 कृषि उपज मंडियों को ऑनलाइन जोड़ दिया जाएगा। फसल बीमा की शुरूआत मप्र से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि कृषि जगत में मध्य प्रदेश सिरमौर बनकर उभरा है। चार बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिलना इसका सबूत है। देश के आर्थिक विकास की यात्रा में मप्र के कृषि जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। मप्र के किसानों ने खेती के क्षेत्र में इतिहास रचा है, इसलिए फसल बीमा योजना की शुरुआत इस राज्य से की गई है। मोदी ने सम्मेलन में फसल बीमा योजना की सौगात देते हुए उसकी गाइडलाइन किसानों को सौंपी। उन्होंने इस दौरान प्रदेश के तीन किसानों को प्रथम मृदा हेल्थ कार्ड भी दिए।

समारोह में पीएम ने कृषि कर्मण अवॉर्ड की ट्रॉफी भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपी। वहीं सीएम चौहान ने किसानों की ओर से पीएम को किसान मित्र अवार्ड और अभिनंदन पत्र दिया। इसके बाद प्रदेश के किसानों की ओर पीएम को सौंपे अभिनंदन पत्र को मुख्यमंत्री ने पढ़कर भी सुनाया। किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प पीएम मोदी ने कहा कि खाड़ी देशों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। वहां जमीन नहीं है, पानी नहीं है। इसलिए अगले 15 साल बाद अनाज की किल्लत का सामना सभी को करना पड़ेगा। अरब अमीरात के प्रिंस क्राउन ने भी भारत से भावी तैयारियों की उम्मीद लगा रखी है।

मोदी ने कहा कि आजादी की 75वीं सालगिरह पर हम अपना उत्पादन दोगुना करने का संकल्प लें, ताकि दुनिया के बाजार पर हमारा कब्जा हो सके। किसान और राज्य सरकारें भी संकल्प लें कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाए। साथ ही मप्र के किसान संकल्प लें कि कृषि कर्मण अवॉर्ड आगे भी मप्र को ही मिले। वह इसे दूसरे राज्य के हाथों में नहीं जाने दें। एक भी राज्य से नहीं आई खाद की शिकायत पीएम ने कहा कि 2014 तक किसानों को यूरिया नहीं मिलता था। हर राज्य और हर जिले में यूरिया का संकट बना रहा था। उन्हें खाद के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ता था और पुलिस की लाठियां खानी पड़ती थी।

जब मैंने सत्ता संभाली तब एक साल तक कई राज्यों से इस बारे में मुझे पत्र मिले, 2015 से ऐसे पत्र आना बंद हो गए हैं। पहले यूरिया का दुरुपयोग कैमिकल कंपनियों में हो रहा था, लीम कोटेड यूरिया के बाद से यह बंद हो गया। अब किसानों को पर्याप्त यूरिया मिल रहा है। किसानों को नमन करने आया हूं प्रधानमंत्री ने फसल बीमा योजना की गाइडलाइन के बारे में बताते हुए कहा कि मैं यहां किसानों को नमन करने आया हूं। उन्होंने महासम्मेलन में उमड़ी भीड़ पर हर्ष जताते हुए कहा कि राज्य के किसानों ने अपनी मेहनत और शिवराज सरकार ने किसान कल्याणकारी योजनाओं से देश में नई पहचान बनाई है। नया इतिहास रचा है।

आपदा आई पर पैदावार में नहीं आई कमी पीएम मोदी ने कहा कि मौसम की मार और बाढ़ आने के बाद भी किसानों ने फसलों की पैदावार में कमी नहीं आने दी। विपरीत हालातों से जूझते हुए भी किसानों ने देश के अन्न के भंडार भर दिए। फसल बीमा योजना की गाइडलाइन आज मप्र के किसानों की मौजूदगी में देशभर के किसानों को अर्पित की जा रही है। किसान इस योजना पर भरोसा रखें और निश्चिंत होकर खेती करें। रबी फसल के लिए डेढ़ और खरीफ फसल के लिए दो प्रतिशत से अधिक प्रीमियम नहीं लिया जाएगा। साफा बांध कर किया सीएम ने पीएम का स्वागत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और सीएम ने हाथ हिलाकर किसानों का अभिवादन किया।

सीएम ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, थावरचंद गहलोत, नरेंद्र सिंह तोमर और अन्य मंत्रियों के साथ पीएम का स्वागत किया। अतिथियों का मालवा की परंपरा के अनुसार साफा बांधकर सम्मानित किया गया। कृषि विकास दर में बढ़ोतरी सम्मेलन में अपने केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि मोदी जी ने सरकार बनने के बाद किसानों और गरीबों के लिए योजना बनाई थी। पहली बार सॉइल हेल्थ कार्ड बनाने के लिए किसी सरकार ने राशि दी है। किसानों के विकास के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। इस कारण देश की कृषि विकास दर में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

सीएम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में भारत की साख स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पीएम आज किसानों के लिए सौगात लेकर आए हैं। मोदी सरकार ने 43 सौ करोड़ रुपए की राहत किसानों को दी। कांग्रेस के राज में ऐसा कभी नहीं हुआ।

दो हजार करोड़ सूखा राहत में मप्र को दिए। किसानों से सवाल करते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि बताओ अच्छे दिन आए कि नहीं। किसानों ने हाथ उठाकर हामी भरी। सीएम ने कहा कि 36 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा पहुंच गया है। उन्होंने बोला कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी। किसान बीमा योजना से देश के किसानों के अच्छे दिन आ गए हैं।