Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/भ-ड-बकर-और-ऊ-टन-क-द-ध-स-बन-च-ज-म-बढ-रह-द-लचस-प-बड-ह-रह-ब-ज-र.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | भेड़, बकरी और ऊंटनी के दूध से बने चीज़ में बढ़ रही दिलचस्पी, बड़ा हो रहा बाजार | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

भेड़, बकरी और ऊंटनी के दूध से बने चीज़ में बढ़ रही दिलचस्पी, बड़ा हो रहा बाजार

मोंगाबे हिंदी, 30 जनवरी

भारत में चीज़ का बाजार लगातार बढ़ता जा रहा है। मार्केट रिसर्च एजेंसी IMARC के अनुसार, साल 2022 में यह 7.13 अरब रुपए का था। माना जा रहा है कि 2028 तक यह 24.06 फीसदी की दर से बढ़कर 26.26 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। राजस्थान में ऊंटनी के दूध से चीज़ बनाने वाली बहुला नेचुरल्स की संस्थापक आकृति श्रीवास्तव के अनुसार, पारंपरिक चीज़ का सीएजीआर (चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर) “22 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दिखाता है।” उन्होंने पारंपरिक चीज़ में बढ़ती दिलचस्पी को बड़े पैमाने पर शहरों में लोगों की बढ़ती पसंद को बताया। 

वहीं, राजस्थान के पाली जिले में स्थित कैमल करिश्मा चीज़ सहित ऊंट के दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा देने की एक और पहल है। इससे ऊंट पालने वाले समुदायों को आमदनी बढ़ाने के अवसर मिलते हैं। तीन दशकों से ज्यादा समय से ऊंट शोधकर्ता और इस पहल के पीछे की शक्ति इल्से कोहलर-रोलेफसन ने कहा कि उनके उत्पादों को बाजार में लोकप्रियता मिल रही है। उन्होंने कहा, “हमने रायका (एक समुदाय) ऊंट प्रजनकों के समर्थन में नवंबर 2022 में गोडवार ऊंट चीज़ महोत्सव का आयोजन किया था। कार्यक्रम में शामिल हुए उदयपुर के लेक पैलेस होटल के शेफ ने अपने मेनू में ऊंटनी के दूध का पनीर शामिल किया।’ ‘उदयपुर में ताज होटल समूह और जोधपुर में जोधाना प्रॉपर्टीज ब्रांड के अन्य प्रमुख ग्राहक हैं। कोहलर-रोलेफसन का मानना है कि भारत में पारंपरिक चीज़ की बढ़ती मांग से पशुपालक समुदाय को फायदा पहुंच सकता है।

पूरी रपट- मोंगाबे हिंदी