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मनरेगा में कर दिया 11 लाख रुपए का दोहरा भुगतान

वैभव श्रीधर, भोपाल। मनरेगा में अभी तक काम नहीं होने के बावजूद भुगतान करने, माप गलत लेने, मजदूरी देने में फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगते आए हैं पर पहली बार दोहरे भुगतान (डबल पेमेंट) का मामला सामने आया है। रायसेन के उदयपुरा सहित छह विकासखंडों की जनपदों में 11 लाख रुपए से ज्यादा का दोहरा भुगतान कर दिया गया। जांच में ये गड़बड़ी प्रमाणित भी हो गई है पर विधानसभा को जवाब में गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। मैदानी स्तर से जो जवाब बनकर आ रहे हैं, उसमें गड़बड़ी के सवाल को ही सिरे से खारिज किया जा रहा है।

चूंकि मामला प्रमाणित हो चुका है, लिहाजा मंत्री गोपाल भार्गव ने भी गलत उत्तर विधानसभा में देने से इनकार कर दिया है और विभाग से दोषी अफसरों के नाम मांगे हैं। जुलाई में होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में उन्हें जवाब प्रस्तुत करना है।

उधर, मंत्री की आपत्ति को देखते हुए आयुक्त मनरेगा जीवी रश्मि ने कमिश्नर भोपाल से पूरे मामले में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव मांग लिए हैं।

तीन-चार साल से चल रही थी गड़बड़ी

सूत्रों के मुताबिक रायसेन में मनरेगा के भुगतान में तीन-चार साल से गड़बड़ी चल रही थी। विस में कांग्रेस के उपनेता बाला बच्चन ने सवाल उठाया तो विभाग ने जांच बैठा दी। पहले तो जांच में कुछ नहीं निकला, लेकिन मनरेगा परिषद के जांच दल ने गड़बड़ी पकड़ ली। इसमें प्रमाणित हो गया कि 11 लाख रुपए से ज्यादा का जनपद पंचायतों में दोहरा भुगतान हुआ है। इसके बावजूद जिले के अधिकारी मामले को दबाने में लगे रहे।

यह बताया विधानसभा को

जिला पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने एक बार बताया कि 2012-13 में बेगमगंज में लंबित मजदूरी के भुगतान में एफटीओ (फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन ऑर्डर) के जरिए 1 लाख 17 हजार रुपए से ज्यादा का दोहरा भुगतान हुआ है।

एक माह बाद इन्होंने ने लिखकर दिया कि उदयपुरा में 73 हजार 460 रुपए के दोहरे भुगतान पर कार्रवाई की है। वहीं, जनपद पंचायतों ने भी गड़बड़ी के सवाल को सिरे से खारिज करते हुए निरंक जानकारी भेज दी। जबकि, राज्य स्तर से कराई जांच में 11 लाख 63 हजार 707 रुपए के 518 एफटीओ के माध्यम से दोहरे भुगतान की बात सामने आई है।

दो बार भुगतान हुआ, वापस ले लो

आरटीआई कार्यकर्ता संतोष रघुवंशी ने बताया कि उदयपुरा के कैलाश ट्रेडर्स ने दोहरे भुगतान का खुलासा किया था। उसने सीईओ को पत्र लिखकर न सिर्फ दोहरे भुगतान की जानकारी दी, बल्कि कहा कि रिकॉर्ड का मिलान कर राशि वापस ले लें। पहले तो अधिकारी राशि वापस लेने के लिए तैयार नहीं हुए पर बाद में चैक ले लिया।

मेरे पास सारे प्रमाण हैं, लोकायुक्त जाऊंगा: बच्चन

विस में यह मामला उठाने वाले उपनेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन ने दावा किया कि उनके पास इस गड़बड़ी से जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं। ये बड़ी अनियमितता है और सरकार दोषियों को बचाने में लगी है। मैं पीछा छोड़ने वाला नहीं हूं। मामले को लोकायुक्त तक लेकर जाऊंगा।