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शवों के साथ प्रदर्शन को दंडनीय अपराध घोषित करे राज्य सरकार: राजस्थान मानवाधिकार आयोग

जयपुरः राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने मुआवज़े और ऐसी अन्य मांगों को लेकर शवों के साथ प्रदर्शन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है.

आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि वह इस तरह की गतिविधि को दंडनीय अपराध बनाने के लिए प्रावधान करें.

इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष जज प्रकाश टाटिया ने 17 अक्टूबर को कुछ सिफारिशों के साथ एक आदेश पारित किया है, जिसमें सरकार से शवों के साथ धरना प्रदर्शन की प्रथा को दंडनीय अपराध घोषित करने के लिए प्रावधान करने के लिए कहा है.

यह आदेश राज्य में शवों के साथ विरोध प्रदर्शन करने के बढ़ते चलन की पृष्ठभूमि में आया है. अनेक मामलों में लोग मुआवज़े और कार्रवाई जैसी मांगों के लिए सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए शवों के साथ प्रदर्शन करते हैं.

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि उचित या अनुचित मांगों को पूरा करवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए न केवल शवों का दुरुपयोग किया जाता है बल्कि यह मृतक लोगों के अधिकारों का भी उल्लंघन है. यह मृतकों का अधिकार है कि उनका मानवीय गरिमा के साथ अंतिम संस्कार किया जाए.

द वायर हिन्दी पर प्रकाशित इस कथा को विस्तार से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें