Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/सुस्तीपुरा-की-महिलाओं-ने-दिखाई-चुस्ती-और-बना-दी-जैविक-खाद-7901.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | सुस्तीपुरा की महिलाओं ने दिखाई चुस्ती और बना दी जैविक खाद | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

सुस्तीपुरा की महिलाओं ने दिखाई चुस्ती और बना दी जैविक खाद

धार/सुसारी(मध्‍यप्रदेश)। कुक्षी तहसील के ग्राम सुस्तीपुरा की महिलाओं ने पर्यावरण हितैषी कदम उठाकर मिसाल पेश की है। स्वयं मेहनत कर केंचुआ पालन करके वे जैविक खाद तैयार कर रही हैं। शुरुआत में माना जा रहा था कि वे महज एक-दो क्विंटल खाद तैयार करने के बाद हार जाएंगी, किंतु आज इन महिलाओं ने 120 क्विंटल से ज्यादा जैविक खाद का ढेर लगा दिया है। साथ ही तैयारी ऐसी है कि जल्द ही ये समूह दूसरों को भी जैविक खाद बेचने की स्थिति में आ जाएगा।

ग्राम सुस्तीपुरा की आबादी करीब एक हजार है। यहां एक स्वयंसेवी संस्था ने इन महिलाओं को प्रेरणा दी और उन्होंने वह काम कर दिखाया जो एक मिसाल बन गया है। गांव की 12 आदिवासी महिलाओं ने मिलकर मां जगदंबा नहर विकास समिति का गठन करीब दो साल पहले किया था। शुरुआत में तो यह नहीं समझ आया कि क्या उद्यमिता की जाए लेकिन छोटी-छोटी बचत करके राशि एकत्रित की और फिर केंचुआ पालन करके अपनी ही खेती सुधारने की कोशिश में जुट गई। इनके हौसले को देखकर सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट मुंबई द्वारा सहयोग दिया गया।

गुजरात से सीखी उद्यमिता

इन महिलाओं ने गुजरात के कुछ ग्रामों का भ्रमण किया। जहां देखा कि किस तरह महिलाएं पुरुषों से भी आगे काम कर रही हैं। समूह की प्रमुख खजरीबाई और शांतिबाई टैगोर ने बताया कि वहां महिलाएं न केवल खाद से अपने खेत सुधार रही थीं बल्कि पैसा भी कमा रही थी। यहीं से हमने भी प्रेरणा ली।

तकनीक को भी अपनाया

हालांकि ये आदिवासी महिलाएं निरक्षर और अनपढ़ हैं फिर भी गुजरात की महिलाओं से प्रेरणा लेकर लौटते ही केंचुआ पालन के लिए कार्य शुरू किया। इसके लिए बकायदा इन्होंने गोबर का किस तरह से खाद बने उसके लिए बेड यानी प्लेटफार्म बनाकर तैयारी शुरू की। सबसे बड़ी बात यह थी कि बचत की राशि से उन्होंने केंचुए खरीदे।

ये महिलाएं कुछ क्विंटल खाद बनाकर हार जाएंगी, पहले ऐसा सोचा गया था किंतु आज 120 क्विंटल खाद का ढेर लगाकर इन्होंने साबित कर दिया कि हौसलों की कभी हार नहीं होती। नए साल में इन महिलाओं का संकल्प है कि अब खाद के इस ढेर को पहाड़ में बदलेंगी और खाद बाजार में बेचकर समूह और उससे जुड़ी हुई महिलाओं की आर्थिक तरक्की की राह मजबूत की जाएगी।