Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 73
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Deprecated (16384): The ArrayAccess methods will be removed in 4.0.0.Use getParam(), getData() and getQuery() instead. - /home/brlfuser/public_html/src/Controller/ArtileDetailController.php, line: 74
 You can disable deprecation warnings by setting `Error.errorLevel` to `E_ALL & ~E_USER_DEPRECATED` in your config/app.php. [CORE/src/Core/functions.php, line 311]
Warning (512): Unable to emit headers. Headers sent in file=/home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php line=853 [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 48]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 148]
Warning (2): Cannot modify header information - headers already sent by (output started at /home/brlfuser/public_html/vendor/cakephp/cakephp/src/Error/Debugger.php:853) [CORE/src/Http/ResponseEmitter.php, line 181]
Notice (8): Undefined variable: urlPrefix [APP/Template/Layout/printlayout.ctp, line 8]news-clippings/हर-र-ज-154-क-स-न-और-द-ह-ड-मजद-र-न-क-आत-महत-य-ncrb-र-प-र-ट.html"/> न्यूज क्लिपिंग्स् | हर रोज 154 किसान और दिहाड़ी मजदूरों ने की आत्महत्या: NCRB रिपोर्ट | Im4change.org
Resource centre on India's rural distress
 
 

हर रोज 154 किसान और दिहाड़ी मजदूरों ने की आत्महत्या: NCRB रिपोर्ट

गाँव सवेरा, 4 दिसम्बर 

एनसीआरबी यानी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की 2022 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर रोज लगभग 154 किसान और दिहाड़ी मजदूरों ने पारिवारिक समस्याओं और बीमारी के कारण आत्महत्या की है. वहीं 2021 में किसान और दिहाड़ी मजदूरों के हर रोज आत्महत्या करने की संख्या 144 थी. रिपोर्ट के अनुसार किसानों की आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए, इसके बाद कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश का नंबर आता है.

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 1 लाख 70 हजार 924 आत्महत्याएं दर्ज की गई थी जबकि 2021 में 1,64,033 आत्महत्या के केस सामने आए थे. रिपोर्ट में अधिकतर आत्महत्या की वजह पारिवारिक समस्याएं, शादी से संबंधित मुद्दों और बीमारी को बताया गया है. देश में 2021 में कुल 54.9 प्रतिशत आत्महत्या के मामले थे जो इस साल 4% और बढ़ गए हैं. पिछले पांच वर्षों में आत्महत्याओं की संख्या में 27.06 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है और शहरी क्षेत्रों और शहरों में आत्महत्या दर (16.4) अधिक थी.

आधे से अधिक पीड़ितों ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. इसके बाद जहर खाना, डूबना और वाहनों/ट्रेनों से कट जाना जैसे अन्य तरीकों का सहारा लिया गया. आंकडो़ के अनुसार 6.6 प्रतिशत किसानों और 26.4 प्रतिशत दिहाड़ी मजदूरी ने आत्महत्या की है. इसके बाद आत्महत्या करने वालों में 14.8 प्रतिशत गृहिणियां भी शामिल रहीं. 2021 में भी इसी तरह के आंकड़े देखे गए 7.6 प्रतिशत छात्रों और 9.2 प्रतिशत बेरोजगारों ने आत्महत्या की.
 पूरी खबर- गाँव सवेरा