SEARCH RESULT

Total Matching Records found : 15201

जुगाड़ की मानसिकता और दुर्घटना-- रघु दयाल

शनिवार को मुजफ्फरनगर के खतौली में हुए रेल हादसे से कई सवाल निकलते हैं। यह ट्रेन पटरी से क्यों उतरी? क्या इस हादसे से बचा जा सकता था? यदि जरूरी परिचलान प्रक्रिया का पालन किया जाता, तो वाकई इस हादसे को टाला जा सकता था। शुरुआती तथ्य इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि ज्वॉइंट पर फिश प्लेट टूटी हुई थीं और मरम्मत करने वाले इंजीनियरों ने 20 मिनट के...

More »

बाढ़ और राजनीति का मौसम --- प्रेम कुमार

बाढ़ ने भले ही देश में डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया हो या रेडक्रॉस ने भारत, नेपाल और बांग्लादेश में आयी बाढ़ को दक्षिण एशिया में गंभीर मानव संकट करार दिया हो, लेकिन भारत की राजनीति इस बाढ़ से सूखी है. ऐसा लगता है कि देश की राजनीति को कोई फर्क नहीं पड़ता कि अकेले बिहार में 1 करोड़ से ज्यादा लोग, तकरीबन पूरा...

More »

इन्सेफ़ेलाइटिस: एक अस्पताल, 40 साल और 9733 बच्चों की मौत बिना वबाल !-- मनोज सिंह

बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में आक्सीजन संकट के दौरान चार दिन में 53 बच्चों की मौत पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बच्चों की मौत को लेकर जहां आम लोगों में शोक और आक्रोश से भरी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं वहीं इसके लिए जिम्मेदार लोग इन मौतों को ‘ सामान्य ' बताने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं और इसके लिए आंकड़ों का खेल...

More »

जान ले रही एक अफवाह -- आशुतोष चतुर्वेदी

जब एक अफवाह लोगों की जान लेने लगे, तो मान लेना चाहिए कि अब पानी सर से ऊपर बह रहा है और समय आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें इसमें हस्तक्षेप करें, इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलायें. ऐसा कहा जाता है कि अफवाहों के पंख होते हैं, ये उड़ती हैं. इनकी गति इतनी तेज है कि एक राज्य से दूसरे राज्य की सीमाओं को लांघते इन्हें समय नहीं...

More »

प्रधानमंत्री का कहा और सत्य-- कुमार प्रशांत

स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले के अायोजन से जुड़े एक बड़े अधिकारी ने कार्यक्रम की समाप्ति के बाद राहत की गहरी सांस ली थी अौर मुझसे जो कहा, उसका मतलब इतना ही था कि चलो, अपना काम पूरा हुअा; अब किसने क्या अौर कैसा कहा, यह सब अाप लोग जानते-छानते रहो. हम सबने मिल कर देश को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां सार्वजनिक कुछ भी...

More »

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close