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न्यूज क्लिपिंग्स् | लॉकडाउन चेकअप: सर्वेक्षण ने झारखंड सरकार के राहत योजनाओं में गंभीर खामियां उजागर की

लॉकडाउन चेकअप: सर्वेक्षण ने झारखंड सरकार के राहत योजनाओं में गंभीर खामियां उजागर की

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published Published on Apr 10, 2020   modified Modified on Apr 10, 2020

- भोजन का अधिकार अभियान, झारखण्ड,

अप्रैल 2020 के पहले सप्ताह में भोजन के अधिकार अभियान, झारखंड के सदस्यों ने राज्य के मूल जन सुविधाओं (जैसे राशन दुकान, आंगनवाड़ी, बैंक, दाल-भात केंद्र, आदि) की स्थिति का एक सर्वेक्षण किया. सर्वेक्षण में पाए गए तथ्यों का एक संक्षिप्त सारांश संलग्न है. 19 ज़िलों के 50 प्रखंड से प्रेक्षकों ने फ़ोन के माध्यम से अपने क्षेत्र की जानकारी दी.

स्थिति काफी चिंताजनक है: इस संकट के समय भी ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों के लिए बहुत कम जन सुविधाएं उपलब्ध हैं. 50 में केवल 18 प्रेक्षकों ने बताया कि आंगनवाड़ी में सुखा राशन का वितरण किया जा रहा है. जन वितरण प्रणाली से मदद तो मिल रही है लेकिन झारखंड सरकार के घोषणा अनुसार दुगना अनाज अभी भी बहुत जगह नहीं मिल रहा है. पर्यवेक्षकों ने बताया कि 50 प्रखंडों में केवल 15 में दुगना राशन दिया गया है. एवं अनेक गरीब परिवार अभी भी जन वितरण प्रणाली से वंचित हैं.

ऐसे परिवार जिनके पास राशन कार्ड नहीं है और जिन्होंने आवेदन दिया है, उनमें से भी अनेकों को 10 किलो अनाज (मुख्यमंत्री के घोषणा अनुसार) नहीं मिल रहा है. इसके लिए अभी तक कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गयी. केवल मुखियाओं को बोला गया है कि इसके लिए वे अपने 10000रु के खाद्यान कोष का इस्तेमाल करें. लेकिन इस निधि से ऐसे केवल चंद परिवारों को ही अनाज मिल पाएगा.

सर्वेक्षण में पाए गए तथ्यों के आधार पर भोजन का अधिकार अभियान निम्न मांगों के साथ-साथ अपने 6 अप्रैल के वक्तव्य में किए गए मांगों को दोहराता है:

·       तुरंत दुगना राशन का वितरण सुनिश्चित करें. सभी छूटे परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अनुसार जन वितरण प्रणाली से जोडें.

·       प्रखंड और पंचायत स्तरों के दाल-भात केन्द्रों को सुदृढ़ कर उनका व्यापक प्रचार-प्रसार (जैसे माईकिंग, चमकदार बैनर व पेंटिंग आदि) करना चाहिए ताकि उनका पूर्ण उपयोग हो सके.

·       तुरंत अण्डों सहित टेक-होम राशन का वितरण विद्यालयों के छात्रों एवं आंगनवाड़ियों के बच्चे, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को करना चाहिए.

·       तुरंत विशेष शिकायत निवारण व्यवस्था लागू की जाए, खास कर के जन वितरण प्रणाली के लिए, ताकि शिकायतों का तेजी से समाधान हो सके और भ्रष्ट डीलरों और सरकारी अधिकारीयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा सके.

अधिक जानकारी के लिए अशर्फी नन्द प्रसाद (7488609805) या सर्वेक्षण दल के ज्याँ द्रेज़ (9471130049), पल्लवी प्रतिभा (9915065122), शिरीन आज़म (9739897103), सिराज दत्ता (9939819763), विपुल पैकरा (7506580933) या विवेक (8873341415) से संपर्क करें या rtfcjharkhand@gmail.com पर email करें.


भोजन का अधिकार अभियान, झारखण्ड,


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