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न्यूज क्लिपिंग्स् | शीतल फाइबर्स पर श्रम विभाग करेगा कार्रवाई

शीतल फाइबर्स पर श्रम विभाग करेगा कार्रवाई

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published Published on Apr 27, 2012   modified Modified on Apr 27, 2012
जालंधर. अब श्रम आयुक्त कार्यालय ने शीतल फाइबर्स पर अलग-अलग 5 श्रम कानूनों के तहत कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभागीय टीम ने शीतल फाइबर्स की इकाइयों का दौरा करने के बाद दस्तावेजी कार्रवाई शुरू कर दी है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने हादसे के बाद 17 अप्रैल को शीतल फाइबर्स की इकाइयों की इंस्पेक्शन की थी।

वीरवार को इंस्पेक्टर जेपी सिंह दोबारा फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन में इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे। विभाग अब पांच कानूनों के तहत मामला अदालत ले जाएगा। इनमें मिनिमम वेजिस एक्ट-1948, पंजाब इंडस्ट्रीज एक्ट-1965, इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर्स एक्ट-1999, बिल्डिंग एंड अदर वर्कर्स एक्ट-1996 तथा पेमेंट ऑफ वेजिस एक्ट-1936 शामिल हैं। हालांकि श्रम विभाग के अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। असिस्टेंट श्रम आयुक्त सतनाम सिंह ने कहा कि वह किसी भी कार्रवाई के लिए बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

फैक्ट्री एक्ट केस में सुनवाई 24 जुलाई को

डिप्टी डायरेक्टर आफ फैक्ट्री परमल सिंह द्वारा जालंधर की अदालत में दायर केस की सुनवाई 24 जुलाई को होगी। आरोप है कि शीतल फाइबर्स के डायरेक्टर शीतल विज तथा उनके बेटे शितेष विज ने फैक्ट्री एक्ट का उल्लंघन किया है। विभाग का आरोप है कि शीतल फाइबर्स की फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन की तीन इकाइयों (सी-80,डी-60 तथा सी-116) तथा राजा गार्डन व गोपाल नगर की इकाइयों में फैक्ट्री एक्ट का उल्लंघन किया गया है। फैक्ट्री एक्ट-1948 के तहत इनकी रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई गई। इनका साइट मैप भी उनके कार्यालय में जमा नहीं करवाया गया। सारी इकाइयां बिना लाइसेंस लिए ही संचालित की जा रही थीं।

यहां हुआ नियमों का उल्लंघन

प्लाट सी-80: शीतल फाइबर्स, क्षेत्र 2500 वर्ग गज
प्लाट डी-60: शीतल फाइबर्स, क्षेत्र 1000 वर्ग गज
प्लाट सी-116 : शीतल फाइबर्स, 2500 वर्ग गज
(इन तीनों प्लाटों में अनियमितता के लिए शीतल विज को आरोपी बनाया गया है)

राजा गार्डन: चिनार फोरज
गाजी गुल्ला : शीतल इंटरनेशनल
(इन दोनों में अनियमितता के आरोप में शीतल विज के बेटे शितेष को आरोपी बनाया है)

तो दो साल सजा

एड. दलजीत सिंह बताते हैं कि डिप्टी डायरेक्टर इंडस्ट्री के पास रजिस्ट्रेशन न करवाने वाले संचालक को दो साल की सजा तथा एक लाख जुर्माना या दोनों एक साथ हो सकते हैं। रोजाना 1000 रुपए जुर्माना हो सकता है।


शीतल की हालत स्थिर

जालंधर. सिविल अस्पताल में भर्ती शीतल फाइबर्स के मालिक शीतल विज की हालत स्थिर बनी हुई है। सिविल अस्पताल के तीन डाक्टरों का बोर्ड रोजाना टेस्ट कर रहा है। वीरवार को किए गए टेस्टों की रिपोर्ट लिफाफे में सील कर दी गई है। डाक्टरों का बोर्ड शुक्रवार को लिफाफा खोलेगा। बोर्ड सदस्य डा. जीएस पवार ने बताया कि शीतल का ब्लड टेस्ट, यूरीन तथा स्टूल टेस्ट किया गया है।

केस रद्द किया जाए

जालंधर त्नशीतल विज के समर्थन में उतरे संगठनों चैंबर आफ जालंधर इंडस्ट्रीज, नार्दर्न चैंबर आफ इंडस्ट्रीज, फेडरेशन आफ जालंधर इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडर्स, उद्योग नगर मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने हस्ताक्षर करके एक पत्र राज्य के डीजीपी सुमेध सैनी को भेजा है। इसमें शीतल विज पर दर्ज केस रद्द करने की मांग की गई है।
 

http://www.bhaskar.com/article/PUN-JAL-soft-fibers-3175045.html


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