कहना कठिन है कि जेएनयू के कमउम्र छात्रों तथा परिसर की गोष्ठियों में कुछ प्रत्याशित सी बहसों तथा अचानक आए अनजान लोगों की उकसाऊ नारेबाजी से सरकार ने एकदम उखड़कर शिक्षकों सहित उस परिसर को लगभग अपना भीषण दुश्मन क्यों मान लिया होगा? इस बात के तूल पकड़ने पर बेवजह उसने देश भर के अकादमिक जगत तथा मीडिया के बडे हिस्से से बेवजह दुश्मनी साध ली, पर अब लगता है...
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अब खेल हो खुला फर्रुखाबादी - मृणाल पांडे
पिछले महीने से सरकार कभी अच्छे दिनों के पुराने सपने जगाती है, कभी देशभक्ति की दुहाई दे जनता से नोटबंदी के इन बुरे दिनों को झेल ले जाने का अनुरोध करती है। फिर भी जब खराब खबरें आना बंद नहीं होतीं, तो वह पटरी बदल लेती है। उत्तर प्रदेश, पंजाब चुनावों की जनसभाओं में अब लुटियन की सरकारी दिल्ली को, पूर्व कांग्रेसनीत सरकार और उसके करीबी मीडिया को, और अंत...
More »कैसे रुकेंगे ऐसे हादसे--- अमरनाथ सिंह
वाराणसी में बाबा जय गुरुदेव के अनुयायियों के एक कार्यक्रम में अचानक हुई भगदड़ ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आज भी अपने देश में कारगर भीड़ प्रबंधन की कमी है। बात केवल वाराणसी की इस घटना की नहीं है। हर साल भीड़ के बेकाबू होने से हादसे होते हैं। हालांकि भगदड़ की घटनाएं केवल भारत में नहीं, विदेशों में भी होती हैं। लेकिन जहां विदेशों में...
More »प्रशासन शून्य दौर में तमिलनाडु - एस श्रीनिवासन
एक कुशल प्रशासित राज्य तमिलनाडु इन दिनों सचमुच नेतृत्व विहीन हो गया है, क्योंकि पिछले दो हफ्तों से सूबे की मुख्यमंत्री जयललिता चेन्नई के अपोलो अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं। शुरू में तो उन्हें बुखार और शरीर में पानी की कमी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन अब हर बीतते दिन के साथ उनकी बीमारी की ‘असली वजहों' को लेकर कयासबाजी तेज होती जा...
More »मित्तल और अंबानी की नई जंग-- आर सुकुमार
डेढ़ दशक पहले जो जंग शुरू होकर खत्म हो गई थी, भारत की रेडियो तरंगों पर वर्चस्व बनाने की वह जंग इस बार मुकेश अंबानी और सुनील मित्तल के बीच उबाल पर है। रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के लांच के मद्देनजर भारती एयरटेल लिमिटेड ने अपने डेटा की दरों में कमी की और जियो की प्रायोगिक शुरुआत के विभिन्न पहलुओं के खिलाफ सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के साथ...
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