-डाउन टू अर्थ, नए शोध से पता चला है कि भारत में महिलाओं को कोरोनावायरस महामारी के दौरान पुरुषों की तुलना में बहुत अधिक नुकसान हुआ है। पहले से ही महिलाएं लिंग आधारित असमानताओं का सामना करतीं हैं, उसके ऊपर कोरोना ने इन्हें आर्थिक रूप से गरीबी में धकेल दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के ग्लोबल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की प्रोफेसर बीना अग्रवाल ने शोध के माध्यम से पाया कि महिलाओं को कोविड...
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संसद का बजट सत्र: इस बार कैसे अलग और ख़ास है
-बीबीसी, इस बार भारत में संसद का बजट सत्र दो चरणों में होगा. यानी 17वीं लोक सभा के पांचवें सत्र के दौरान कुछ दिनों का अवकाश होगा, जिसके बाद फिर से कार्यवाही शुरू होगी. कोरोना महामारी की वजह से संसद की कई परंपराओं को दरकिनार करते हुए नए 'प्रोटोकोल' के हिसाब से संसद का बजट सत्र चलेगा. ऐसा पहली बार ही होगा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान भी सदस्य 'सेंट्रल...
More »ऑनलाइन मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म भी अब सरकारी निगरानी के फंदे में
-न्यूजलॉन्ड्री, ऑनलाइन सूचना/समाचार और सामग्रियों पर नियंत्रण और निगरानी रखने के लिए मोदी सरकार ने ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलों, ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडरों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने से जुड़ा आदेश जारी किया है. इसके तहत, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन फिल्मों के साथ ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रम, ऑनलाइन समाचार और करंट अफेयर्स के कंटेंट आएंगे. सोमवार, 9 नवम्बर को कैबिनेट ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया है जिस पर राष्ट्रपति...
More »लोक कल्याणकारी बॉलीवुड थोड़े ही है: पंकज त्रिपाठी
-आउटलुक, आज पंकज त्रिपाठी की गणना उन चंद अभिनेताओं में होती है, जिन्हें अपनी प्रतिभा के बल पर प्रसिद्धि मिली। लेकिन उन्हें यह मुकाम एक दशक से अधिक के कड़े संघर्ष के बाद हासिल हुआ। ‘कालीन भैया’ के किरदार के रूप में उन्होंने अमेजन प्राइम वीडियो के वेब शो मिर्जापुर में खूब वाहवाही लूटी। इस वेब सीरीज का दूसरा सीजन 23 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। गिरिधर झा से उन्होंने...
More »वायनाड के आदिवासी छात्रों ने शिक्षा में संस्थागत भेदभाव के खिलाफ उठाई आवाज
-कारवां, केरल का आदिवासी समुदाय हमेशा से ही माध्यमिक और उच्च शिक्षा के मामले में बड़े नुकसान में रहा है और कोविड-19 महामारी के समय में आदिवासी छात्रों के सामने आने वाली मुश्किलें बढ़ गई हैं. केरल में स्कूलों और कॉलेजों ने डिजिटल क्लास लेनी शुरू की है लेकिन अक्सर आदिवासी और दलित छात्रों के लिए इस रूप में पढ़ाई कर सकना लगभग असंभव है. समाज के हाशिए पर रहने वाले...
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