भारत के लोग दुनिया के और देशों के लोगों के मुकाबले कितने खुश हैं, इसका जवाब हमें वैश्विक खुशहाली सूचकांक से मिलता है। जवाब यह है कि दुनिया के एक सौ दस देश हमसे ज्यादा खुशहाल हैं। इतना ही नहीं, खुशी के इस पैमाने पर हम लगातार नीचे आते जा रहे हैं। हाल में वैश्विक खुशहाली सूचकांक से पता चला है कि भारत वर्ष 2014 में एक सौ छप्पन देशों...
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स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा गुजरात : नीति आयोग
गांधीनगर। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने रविवार को कहा कि गुजरात ने औद्योगिकीकरण के मामले में तो अच्छा काम किया है, लेकिन स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में वह पीछे छूट गया है। राजीव कुमार मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राजीव कुमार ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुजरात की उपलब्धियां वैसी नहीं...
More »नौ फीसद विकास दर से मिट सकती है देश में गरीबी : रंगराजन
हैदराबाद। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा है कि देश में गरीबी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए अगले दो दशकों तक आर्थिक विकास की रफ्तार आठ-नौ फीसद रहने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने इस पर जोर दिया कि विकास की इस यात्रा में समाज के गरीब तबके को जोड़ना और उनका खयाल रखना चाहिए। यहां एक कार्यक्रम में रंगराजन ने दक्षिण कोरिया...
More »महिला विकास की बातें हैं, बातों का क्या! - मृणाल पांडे
इस समय जब वसंत अलविदा ले रहा है और एक नया संवत्सर दहलीज पर खडा है, वाक्वीर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने सरकार के सालाना आर्थिक सर्वेक्षण मसौदे को पहली बार एक गुलाबी जिल्द में प्रस्तुत किया। पर यह गौरतलब है कि उस मसौदे के अनुसार भारत की अपेक्षित कुल आबादी में से 6 करोड़ तीस लाख महिलाएं गायब हैं। इस गैरहाजिरी की जो मोटी वजह प्राप्त आंकड़ों से...
More »ज्ञान बांटने वालों के साथ ऐसी बेदिली-- बृंदा करात
हेमलता ने इसी जनवरी में अपने पति खेमचंद को दुखद परिस्थितियों में खो दिया। वह चांदनी चौक के एक प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधीन आने वाले इस स्कूल में वह 1997 से पढ़ा रहे थे। जो आखिरी सैलरी उनके हाथों में आई थी, वह 58,000 रुपये थी। खेमचंद पर अपनी विधवा मां, पत्नी हेमलता, पांच बच्चे और एक बहन का भार था। वह मूल...
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