प्राकृतिक सौंदर्यता, जंगल और खनिजों के लिए प्रसिद्ध झारखंड के पांच जिलों से 38 पहाड़ गायब हो गये हैं. राज्य के अन्य जिलों में भी अवैध खनन के कारण 80 से ज्यादा पहाड़ों का अस्तित्व खतरे में है. इस खेल में पत्थर माफिया के अलावा कुछ भ्रष्ट अफसर और नेता भी शामिल हैं. नियम-कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पहाड़ों की खुदाई हो रही है. जहां-तहां क्रशर मशीन लगी हैं. यहां...
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गुजरात के 77 गांवों में दलितों के मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध
अहमदाबाद। राज्य में भाजपा द्वारा मंगलवार को डॉ. बाबासाहेव अंबेडकर की 125 वीं जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई वहीं दूसरे ही दिन नवसर्जन ट्रस्ट द्वारा जारी एक रिपोर्ट में गुजरात के 77 गांवों में दलितों की स्थिति दयनीय होने का खुलासा हुआ है। इन गांवों में दलितों का सामाजिक बहिष्कार किया गया है। इतना ही नहीं दलितों का मंदिरों में प्रवेश पर प्रतिबंध है। जिससे मजबूर होकर दलितों को यहां...
More »चीनी पर सरकारी नियंत्रण चाहते हैं किसान, आयात शुल्क बढ़ाने के पक्ष में सरकार
नई दिल्ली। चीनी की कीमतों को स्थिर रखने के लिए किसान संगठन चीनी को सरकारी नियंत्रण में लाने की मांग कर रहे है वहीं सरकार आयात शुल्क में बढ़ोतरी की वकालत कर रही है। केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान और गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों की बुधवार को अहम बैठक हुई है, जिसमें खाद्य मंत्रालय ने जहां चीनी पर लगने वाले आयात शुल्क को 25 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी करने...
More »प्रवासी कामगारों की बेहतरी की चिंता- पत्रलेखा चटर्जी
यमन में गृहयुद्ध ने पश्चिम एशिया में भारतीय प्रवासियों की दुर्गति को केंद्र में ला दिया है। वैसे तो हमारी सरकार युद्धरत क्षेत्र से भारतीयों को निकाल लाने की हरसंभव कोशिश कर रही है, लेकिन अनेक भारतीय ऐसे हैं, जो खुद ही वहां से नहीं निकलना चाहते। मसलन, केरल की अनेक नर्सें, जिनके अभिभावकों ने पहले उनके प्रशिक्षण, और फिर उन्हें विदेश भेजने के लिए भारी कर्ज लिया, वहां से...
More »आदिवासियों, किसानों की जमीन बचाने से हो शुरुआत- सच्चिदानंद सिन्हा
बुजुर्ग समाजवादी चिंतक सच्चिदानंद सिन्हा के लेख व भाषण हम समय-समय पर छापते रहते हैं, जिनमें वह बार-बार चिह्न्ति करते हैं कि पर्यावरण और प्रकृति के विनाश के लिए अगर कोई जिम्मेदार है, तो वो है औद्योगीकरण और उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था. और अगर इनसान नहीं चेता, तो इसी की वजह एक दिन वह खुद भी नष्ट हो जायेगा. एक और क्षेत्र उनकी चिंता में स्थायी रूप से रहता है कि अब...
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