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धान की फसलों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक हैं चमगादड़,असम में एक अध्ययन में आया सामने

मोंगाबे हिंदी, 12 जनवरी असम में हाल ही में किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि चमगादड़ धान की फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक हो सकते हैं। 2019 के साली (सर्दियों) चावल की किस्म पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि कीटभक्षी चमगादड़ कीटों को संख्या को बढ़ने नहीं देते और चावल की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने में...

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भारत में कैंसर से हुई 9.3 लाख मौतें, एशिया में दूसरे स्थान पर: लैंसेट

डाउन टू अर्थ, 04 जनवरी दुनिया भर में अनेकों कारणों से कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं जो कि एक चिंता का विषय है। एशिया में इस बीमारी का सबसे अधिक बोझ दिखाई दे रहा है।   द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथ-ईस्ट एशिया जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, भारत में 2019 में लगभग 12 लाख नए कैंसर के मामले और 9.3 लाख मौतें दर्ज की गई। कैंसर 2019...

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बिगड़ रही खेतों की सेहत, हर साल उत्पादन को हो रहा प्रति हेक्टेयर 3,654 रुपए का नुकसान

डाउन टू अर्थ,11 दिसम्बर  भारत में भूमि गुणवत्ता में आती गिरावट से कृषि उत्पादकता को हर वर्ष औसतन 3,654 रुपए प्रति हेक्टेयर का नुकसान हो रहा है। बता दें कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के शोधकर्ताओं द्वारा नुकसान की यह गणना 2011-12 की कीमतों के आधार पर की गई है। वहीं रिसर्च में यह भी सामने आया है कि भू-क्षरण में एक फीसदी की वृद्धि के चलते कृषि उत्पादकता को होने...

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साल 2023 में जीवाश्म सीओ2 उत्सर्जन के 40 अरब मीट्रिक टन से अधिक होने के आसार: रिपोर्ट

डाउन टू अर्थ, 07 दिसम्बर  ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट साइंस टीम के नए शोध के अनुसार, जीवाश्म ईंधन से दुनिया भर में कार्बन उत्सर्जन साल 2023 में फिर से बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वार्षिक वैश्विक कार्बन बजट में जीवाश्म कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) के 2023 में 36.8 अरब मीट्रिक टन जो 2022 से सीओ2 उत्सर्जन से 1.1 फीसदी अधिक है। 2023 संस्करण के 18वीं वार्षिक रिपोर्ट जर्नल अर्थ सिस्टम साइंस डेटा...

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इंसानों के चलते 250 करोड़ एकड़ क्षेत्र में खारी हो रही जमीन, बिगड़ रहा 'नमक चक्र' का संतुलन

डाउन टू अर्थ, 29 नवम्बर  क्या आप जानते हैं कि जो नमक हमारे लिए बेहद जरूरी है उसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा पर्यावरण और इंसानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही है। विडम्बना देखिए कि जिस तरह से पर्यावरण में खारापन बढ़ रहा है उसके लिए हम इंसान ही जिम्मेवार हैं। रिसर्च से पता चला है कि इंसानों के कारण दुनिया भर में बढ़ते लवणीकरण से 250 करोड़ एकड़ क्षेत्र में...

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