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सुप्रीम कोर्ट जज ने वकील से पूछा- आपके किसी रिश्तेदार का रेप हुआ है?

शुक्रवार (20 अप्रैल) को रेप (आपराधिक मामले) से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज वकील पर बिफर पड़े और याचिकाकर्ता वकील से पूछ डाला कि क्या आपके किसी रिश्तेदार का रेप हुआ है? याचिका में आरोप लगाया गया था कि पुलिस बलात्कार के ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही हैं जिनमें मंत्रियों, सांसदों या विधायकों जैसे ताकतवर लोगों की संलिप्तता होती है।...

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ईमानदार हो पुलिस-प्रशासन-- जगमती सांगवान

देश में आये दिन जघन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं. हरियाणा में घटी हालिया तीन घटनाएं इसकी सबूत हैं. हरियाणा के जींद में एक दलित लड़की की रेप के बाद बुरी तरह से हत्या कर दी गयी. एक दूसरी खबर है कि पानीपत में हत्या के बाद दलित लड़की की लाश के साथ रेप हुआ. वहीं फरीदाबाद में एक लड़की का पहले अपहरण किया गया, फिर चलती...

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अबॉर्शन लॉ भारत में हर 10 में से 7 महिलाएं नहीं सहमत

भारत के 20 सप्ताह वाले वर्तमान अबॉर्शन लॉ से हर 10 में से 7 महिलाएं सहमत नहीं हैं। यह जानकारी फ्रांस की एक कंपनी द्वारा करवाए गए ऑनलाइन शोध में सामने आई है। इसमें 70% ने कहा कि महिला जब चाहे उसे गर्भपात की इजाजत होनी चाहिए। हालांकि 30 फीसदी इसके खिलाफ हैं। यह अध्ययन 23 देशों में ऑनलाइन किया गया। इसका मकसद इस मुद्दे पर वैश्विक राय जानना था।...

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24 हफ्ते की प्रेग्नेंट रेप विक्टिम को अबॉर्शन की मिली इजाजत

नयी दिल्ली : गर्भपात कानून के एक प्रावधान का लाभ देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार पीड़िता को अपने 24 हफ्ते पुराने असामान्य भ्रूण का गर्भपात कराने की इजाजत दे दी. पीड़िता को इस आधार पर इजाजत मिली कि गर्भावस्था जारी रहने से उसका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य खतरे में पड़ जायेगा. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 की धारा-5 के तहत कानून में दी गयी अपवाद...

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आधी-आबादी : इंसाफ का इंतजार-- अवनीश सिंह भदौरिया

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की शिकार निर्भया के मामले में अपराधियों को कमोबेश सजा मिल भी गई, लेकिन इस तरह के तमाम मामलों में आज भी इंसाफ का इंतजार है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लड़कियों की सुरक्षा के जितने भी प्रबंध हैं, वे नाकाफी हैं। लड़कियों, महिलाओं और बच्चियों के लिए दिल्ली या दूसरे राज्य कितने सुरक्षित हैं, इसके जीते जागते उदाहरण प्रतिदिन अखबारों और टीवी चैनलों पर पढ़ने-देखने को...

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