डाउन टू अर्थ, 19 फरवरी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की अनुशंसा केंद्र सरकार द्वारा की जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि उपज के लिए न्यूनतम लाभकारी मूल्य दिलाना, बाजार में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करके उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एमएसपी की शुरुआत 1966-67 में की गई थी, जब भारत में खाद्य पदार्थों की भारी कमी थी। तब सरकार ने घरेलू खाद्यान्न...
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जलवायु और खाद्य सुरक्षा के लिए भोजन की हानि और बर्बादी से निपटना
मोंगाबे हिंदी, 24 नवम्बर भले ही भोजन की हानि और बर्बादी को कम करके खाद्य सुरक्षा में सुधार लाया जा सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि इससे पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा। नेचर फूड में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन से यह बात निकलकर सामने आई है। अध्ययन में कहा गया है कि बर्बादी और हानि को कम करने से भोजन की लागत में कमी आएगी, जिससे यह सस्ता और आसानी उपलब्ध...
More »डीपीसीसी ने कहा निष्प्रभावी हैं स्मॉग टावर, दिल्ली कवर करने के लिए 40 हजार से अधिक टावर की जरूरत
डाउन टू अर्थ, 17 नवम्बर दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयोग के तौर पर लगाए गए स्मॉग टॉवर का कोई असर नहीं दिख रहा है। दिल्ली अब भी वायु प्रदूषण को कम करने के लिए मौसमी कारकों पर निर्भर है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि कनॉट प्लेस व आनंद विहार के पास संचालित स्मॉग...
More »कपास पर शाप: कैसे बीटी कपास के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई गुलाबी सुंडी
इंडियास्पेंड, 27 अक्टूबर आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढोतरी कर दी है। रबी की प्रमुख फसल गेहूं की एमएसपी 150 रुपए प्रति क्विंटल बढ़कर अब 2,275 रुपए क्विंटल हो गई है। रबी की 5 अन्य फसलों जौ, चना, मसूर, सरसों, कुसुम की एमएसपी में भी बढ़ोतरी हुई है। 18 अक्टूबर को कैबिनेट मीटिंग में ये फैसला...
More »पराली समस्या पर सरकारी प्रयास अव्यावहारिक, क्या है पर्यावरण हितैषी स्थायी समाधान?
डाउन टू अर्थ, 20 अक्टूबर भारत सहित पूरी दुनिया के लगभग 80 प्रतिशत किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे गंभीर वायु प्रदूषण फैलता है। जो हर साल घनी आबादी और ज्यादा औद्योगिक घनत्व वाले भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मेंं अक्टूबर-नवंबर महीने मेंं हवा की गति कम होने और हिमालय से ठंडी हवा आने से बहुत ज्यादा गंभीर हो जाता है। इस वायु प्रदूषण समस्या के समाधान के लिए केन्द्र...
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