जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता और ईपीडब्ल्यू के सलाहकार संपादक गौतम नवलखा तथा स्वीडिश पत्रकार जॉन मिर्डल कुछ समय पहले भारत में माओवाद के प्रभाव वाले इलाकों में गए थे, जिसके दौरान उन्होंने भाकपा माओवादी के महासचिव गणपति से भी मुलाकात की थी. इस यात्रा से लौटने के बाद गौतम ने यह लंबा आलेख लिखा है, जिसमें वे न सिर्फ ऑपरेशन ग्रीन हंट के निहितार्थों की गहराई से पड़ताल करते हैं, बल्कि माओवादी...
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खबरों का ग्रीनहंट! : अरुंधति राय
भारत सरकार एक ओर जब देश के गांवों में सेना और वायुसेना तैनात कर लोगों के संघर्ष को दबाने पर विचार कर रही है तो दूसरी ओर शहरों में कुछ विचित्र घटनाएं देखने में आ रही हैं। बीते 2 जून को मैंने मुंबई में कमेटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स (सीपीडीआर) द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। अगले दिन तमाम अखबारों और टीवी चैनलों पर इसकी सही कवरेज हुई। इसी दिन...
More »नक्सलवाद: भारत को संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर आपत्ति
भारत ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि माओवादी हिंसा से प्रभावित पूर्वी और मध्य भारत के क्षेत्र को 'अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत सशस्त्र संघर्ष का क्षेत्र' नहीं कहा जा सकता. ग़ौरतलब है कि हाल में संयुक्त राष्ट्र की 'बच्चे और सशस्त्र संघर्ष' शीर्षक की एक रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ के माओवादी गुटों द्वारा बच्चों की भर्ती का उल्लेख किया गया था. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद...
More »नक्सली नेता सान्याल से जेल में मिले अग्निवेश
रायपुर. नक्सलियों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का आधार तैयार करने की कोशिश में लगे समाजवादी नेता स्वामी अग्निवेश ने रायपुर सेंट्रल जेल में कैद सीपीआई माओवादी के पोलित ब्यूरो मेंबर नारायण सान्याल से बातचीत की। राज्य पुलिस और जेल विभाग के आला अफसरों के सहमति के बाद जेल सुप्रीटेंडेंट के कक्ष में दोनों के बीच एकांत में चर्चा हुई। इसी महीने हुए मुलाकात के बारे में सारे...
More »नक्सलियों को फिर की बातचीत की पेशकश
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में माओवादियों द्वारा किए गए एक और नरसंहार के बाद गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि यदि नक्सली सिर्फ 72 घंटे के लिए हिंसा त्याग देते हैं तो उनसे बातचीत की जा सकती है। चिदंबरम ने सीएनएन-आईबीएन से कहा कि माओवादियों को कहना चाहिए कि वे हिंसा त्याग दें। वे खून-खराबा छोड़ दें और 72 घंटे के लिए वास्तविक रूप से हिंसा रोकें। तब हम मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएंगे। हम जवाब...
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