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ये हैं देश की सूरत बदलने वाली मोदी सरकार की बड़ी योजनाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 मई 2014 सत्ता संभालने के साथ ही केंद्र सरकार ने आम भारतीयों की जिंदगी में सुधार के लिए अनेकों फैसले किए। केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने के लिए जहां सोशल मीडिया का सहारा ले रही है। वहीं पार्टी की तरफ से सरकार की कामयाबी को बताने के लिए देशभर में 200 कार्यक्रमों को आयोजित करने का फैसला किया है।...

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जनधन योजनाः बैंकों ने बनाए 1.2 लाख बैंक करेसपॉन्डेंट्स

नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) के अंतर्गत देश के बैंकिंग सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में 1.2 लाख बैंकिंग करेसपॉन्डेंट एजेंट्स/बैंक मित्रों (बीसीए/बीएम) की नियुक्ति कर दी है। बैंकों को इनके माध्यम से बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक ऐसे शहरी क्षेत्रों में एक सभी सुविधाओं वाली ब्रांच या एटीएम खोलना व्यावहारिक नहीं है, वहां बैंकों ने बैंकिंग...

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केंद्र की तीन योजनाओं से जुड़े दस करोड़ लोग

नितिन प्रधान, नई दिल्ली। अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा के सरोकारों को लेकर शहरी महिलाओं की अपेक्षा ग्रामीण महिलाएं ज्यादा सजग और गंभीर हैं। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी तीन स्कीमों के आंकड़े तो कम से कम यही जाहिर कर रहे हैं। इन तीनों स्कीमों में पंजीकरण की संख्या को देखें तो शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाएं आगे रही हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना...

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निजी बैंक जन धन खाता खोलने में सरकारी बैंकों से बेहद पीछे

नई दिल्ली। सरकारी बैंकों के मुकाबले ग्राहकों को सेवा देने में आमतौर पर आगे रहने वाले निजी बैंक प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत खाते खोलने के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। यहां तक कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) भी निजी बैंकों से कहीं आगे हैं। केवल निजी बैंकों में देखा जाए तो एचडीएफसी बैंक ने सबसे ज्यादा खाते खोले हैं। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक प्रधानमंत्री जन-धन...

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पलायन (माइग्रेशन)

खास बात • किसी प्रांत से उसी प्रांत में और किसी एक प्रांत से दूसरे प्रांत में पलायन करने वालों की संख्या पिछले एक दशक में ९ करोड़ ८० लाख तक जा पहुंची है। इसमें ६ करोड़ १० लाख लोगों ने ग्रामीण से ग्रामीण इलाकों में और ३ करोड़ ६० लाख लोगों ने गावों से शहरों की ओर पलायन किया। # • पिछले एक दशक को आधार मानकर अगर इस बात की गणना करें कि किसी वासस्थान को छोड़कर कितने लोग दूसरी जगह रहने...

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