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नए राज्य/दो दशक: तीन राज्यों की वृहत्त विकास यात्रा

-आउटलुक, “विकास के तर्क पर बने उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़ बने परिवर्तन के साक्षी” उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़ ये तीनों राज्य सन 2000 में एक साथ बने। इनके बनने के पीछे तर्क था कि ये तीनों ही राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के हिस्से थे। जिसके कारण इन क्षेत्रों का विकास नहीं हो पा रहा था। इनके लिए राजधानियां हाइकोर्ट तथा अन्य राज्य स्तरीय कार्यालय काफी दूर थे।...

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छत्तीसगढ़ः पर्यावरण संरक्षण में जुटे वीरेंद्र, 35 तालाब, एक नदी और 2 कुंड किए स्वच्छ

-इंडिया वाटर पोर्टल, छत्तीसगढ़ का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक आदिवासी राज्य की छवि बनती है, जो विकास की दौड़ में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन इसी छत्तीसगढ़ में सैंकड़ों मीलों तक जंगल का इलाका फैला है, जो इस राज्य को प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध राज्य बनाता है। यहां सैंकड़ों नदी, तालाब और झरने आदि सहित विभिन्न जलस्रोत इंसानों सहित विभन्न जीव-जंतुओं की प्यास...

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छत्तीसगढ़: नक्सली हमले में मारे गए 32 आदिवा​सियों के परिवारों के लिए 14 साल बाद मुआवज़े का ऐलान

-द वायर, साल 2006 में एर्राबोर में माओवादियों के हमले में मारे गए 32 आदिवासियों के परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार ने 14 साल बाद 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. एर्राबोर छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में स्थित दंतेवाड़ा जिले में है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होने के बाद...

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क्या बालिग, क्या नाबालिग, जो हत्थे चढ़ा, वो जेल गया

-न्यूजलॉन्ड्री, 17 मार्च 2020 की तारीख लग गयी थी.आधी रात गुज़र चुकी थी और 22 साल का देवा मंडावी नीलावाया पंचायत के मल्लापारा गांव में अपने घर के आंगन में आराम से सो रहा था. रात के लगभग तीन बजे कुछ आवाज़ों से उसकी नींद खुल गई. उसने पाया कि खाट के अगल-बगल वर्दी पहने हथियारबंद लोग खड़े थे.उनमें से एक ने उसकी छाती पर बन्दूक के बट से वार किया.वो...

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लॉकडाउन के बाद छत्तीसगढ़ लौटे 40 हजार प्रवासी मजदूरों का रिकॉर्ड नहीं, कम्युनिटी स्प्रेडिंग रोकने के लिए लगाया जा रहा पता

-द प्रिंट, छत्तीसगढ़ सरकार के अनुमान के मुताबिक मार्च में हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से राज्य लौटे तकरीबन 40 हजार प्रवासी मजदूरों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में यह घातक साबित हो सकता है और ‘कम्युनिटी स्प्रेडिंग‘ को भी बढ़ावा दे सकता है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, ‘दूसरे...

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