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कागजों में पक रहे पोषाहार के दाने

जोधपुर. राज्य सरकार ने भले ही गर्मी की छुट्टियों में ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत पोषाहार खिलाने का आदेश कर दिया हो, लेकिन हकीकत में बच्चे पोषाहार खाने आ ही नहीं रहे हैं, जबकि शिक्षक कागजों में विद्यार्थियों की 50 से 80 फीसदी उपस्थिति बताकर स्कूलों में खाना बना रहे हैं। अकाल की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को सभी सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश...

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सचिवालय परिसर में बाल श्रम

पटना। बिहार में आर्थिक रूप से विपन्न बच्चों की हालत चिंताजनक है। वह सरकारी अफसरों, वकीलों एवं न्यायविदों के घरों में मजदूरी कर रह हैं। इतना ही नहीं सचिवालय, अदालतों एवं जिलाधिकारी कार्यालय के परिसर में भी बाल श्रमिक बहुतायत में हैं। इन्हें न्यूनतम मजदूरी का एक तिहाई भी नहीं मिल रहा है। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2.5 करोड़ बालक एवं...

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शिक्षकों के अधीन काम कर रहे प्राचार्य और एचएम

इंदौर. जनगणना में शिक्षा विभाग से लगी ड्यूटियों की लगातार शिकायत आ रही है। वास्तविक डाटा के अभाव और पुराने आंकड़ों के आधार पर लगाई गई ड्यूटी से कई विसंगतियां सामने आ रही हैं। नया मामला ऐसे प्राचार्य और हेडमास्टरों का है, जिन्हें सामान्य शिक्षक और संविदा शिक्षकों के अधीन काम करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक सिरपुर के हाई स्कूल प्राचार्य राजेश सिंह की ड्यूटी छोटा बांगड़दा क्षेत्र में लगी है। उन्हें यहां हाई स्कूल...

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एक हजार अतिरिक्त मॉडल स्कूलों को मंजूरी

नई दिल्ली। देश के शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में एक हजार अतरिक्त माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जो बेहतर शिक्षा प्रदान करने का काम करेंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने शुक्रवार को सरकारी क्षेत्र में एक हजार अतिरिक्त माडल स्कूलों की स्थापना को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र में स्थापित होने वाले माडल स्कूलों की संख्या 3500 हो जाएगी। इसके अतिरिक्त 2500 अन्य...

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अभिशाप मानते हैं स्कूल का मुंह देखना

बांदा। उनके बच्चे भी खेलते हैं मगर जहरीले सांप और बिच्छुओं के साथ। स्कूल का मुंह देखना अभिशाप है लेकिन पांच साल के बच्चों को 'सांप की पिटारी' व 'बीन' थमा दी जाती है। बाल विवाह की प्रथा है और सांप नचाने व बीन बजाने की कला का प्रदर्शन ही शादी की शर्त है। हम बात कर रहे है सपेरा समाज की। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद और कौशांबी से...

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