एक सौ पांच साल की कुंवर बाई, जिन्होंने अपनी बकरियां बेच कर शौचालय का निर्माण कराया, ‘स्वच्छता दिवस' के अवसर पर दिल्ली में सम्मानित की जाएंगी। खबरों के मुताबिक कुंवर बाई ने कोटाभररी नामक अपने गांव (जिला राजनांदगांव) में स्त्रियों को खुले में शौच जाने की असुविधा से बचाने के लिए यह निर्माण कराया। बेशक कुंवर बाई का सरोकार व त्याग काबिले-तारीफ है और उनको स्वच्छता दूत नियुक्त किया जाना,...
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काहे रे नदिया तू बौरानी!-- अनिल रघुराज
पानी गले तक आ जाये, तो औरों का भरोसा छोड़ कर खुद ही सोचना और खोजना पड़ता है कि बचने का क्या रास्ता है. दो साल के सूखे के बाद सामान्य माॅनसून ने पूरब से लेकर उत्तर भारत के तमाम इलाकों में यही हालत कर दी है. शहरों, कस्बों व गांवों में लोग घरों से निकल कर सड़कों पर आ गये हैं. नदियां बावली हो गयी हैं. कई जगह तो...
More »9 राज्य सूखाग्रस्त, आंखें बंद नहीं कर सकता केंद्र
नयी दिल्ली, 6 अप्रैल (एजेंसियां) downloadसुप्रीम कोर्ट ने देश में सूखे की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार को आज आड़े हाथों लिया। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति एन वी रमण की पीठ ने एनजीओ ‘स्वराज अभियान' की याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि देश के 9 राज्य सूखे से प्रभावित हैं और केंद्र सरकार इस पर अपनी आंखें बंद नहीं रख सकती। पीठ ने इससे निपटने के...
More »भूमि विधेयक पर आज होगा मंथन
नयी दिल्ली, 13 मार्च (एजेंसी) बजट सत्र के पहले चरण के समापन के करीब होने के बीच संसद की समिति सोमवार को भूमि अधिग्रहण विधेयक 2015 पर चर्चा करेगी। इस विधेयक के माध्यम से राजग सरकार ने संप्रग के 2013 के भूमि कानून में प्रमुख बदलाव करने की योजना बनायी थी और बाद में रख परिवर्तित कर दिया। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास तथा पुनर्व्यवस्थापन में निष्पक्ष क्षतिपूर्ति और पारदर्शिता के अधिकार (दूसरा...
More »कम भयावह हो सकती थी उत्तराखंड की आपदा-- सीएजी की रिपोर्ट
भारी बारिश और बाढ़ की मार झेलते आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में हुई जनहानि की खबरों के बीच सीएजी की एक रिपोर्ट 2013 की प्राकृतिक आपदा के बारे में आयी है. रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड में विकास-कार्यों में वन और पर्यावरण मंत्रालय, ग्लेशियर केंद्रित विशेषज्ञ समिति सहित कई अन्य एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तराखंड में निर्माण-कार्यों के दौरान निकले अपशिष्ट के निपटान के बारे में...
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