छत्तीसगढ़ के राजिम-नवापारा में मुझे कुछ समय पहले जाने का मौका मिला। वहां सामाजिक कार्यकर्ता रामगुलाम सिन्हा रहते हैं। उन्होंने मुझे उनकी प्रेरक संस्था के काम को देखने के लिए बुलाया था। वे गरियाबंद के कमार आदिवासियों के बीच में लम्बे समय से काम कर रहे हैं। कमार, आदिम जनजातियों में एक हैं। जो अब भी उनकी पारंपरिक जीवनशैली के करीब हैं और निर्धन हैं। यह आदिवासी गरियाबंद, छुरा और...
More »SEARCH RESULT
दूध महासंकट का ऐसे निकाला समाधान, मिड डे मील में मिलेगा 200 ml दूध
रायपुर। राज्य के 35 लाख स्कूली छात्रों को मध्यान भोजन के साथ दूध मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के प्रस्ताव पर दूध वितरण का प्रस्ताव तैयार किया है, जो शासन को भेजा जा रहा है। यह महासंघ के लिए राहत की खबर है, क्योंकि यह न सिर्फ वित्तीय संकट और घाटे में गुजर रहा है, बल्कि हजारों लीटर दूध भी नहीं बेच पा रहा है।...
More »बिहार : एक सहायिका के जिम्मे दो केंद्र, कैसे दूर होगा कुपोषण
परेशानी : प्रदेश में तीन हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं हैं सहायिकाएं, काम हो रहा है प्रभावित पटना : कुपोषण से जंग में केंद्र से राज्य सरकार तक ने पूरी ताकत झोंक दी है. बिहार और उत्तर प्रदेश में कुपोषण के साथ ही बौनेपन ने भी पैर पसारे हैं तो सरकारें और सक्रिय हुई हैं. आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण को खत्म करने का प्रयास हो रहा है. वहां...
More »मिड डे मील पर रोजाना मात्र 6 से 9 रुपए प्रति छात्र खर्च करती है सरकार
मध्याह्न भोजन योजना के माध्यम से 10 करोड़ छात्रों को जोड़ने और कक्षा में छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के तमाम दावों के बीच ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रति छात्र प्रतिदिन 6 से 9 रुपए के हिसाब से छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकता है? मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘भाषा' को बताया कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्राथमिक कक्षा स्तर...
More »दावोस के बहाने विषमता का सच-- कुमार प्रशांत
ऐसा कभी-कभार ही होता है कि सच खुद सामने अाकर झूठ का पर्दाफाश कर देता है! ऐसा ही हुअा था, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक अोबामा अपने पद से विदा हो रहे थे. उन्होंने जाते-जाते कहा कि दुनिया की कुल संपत्ति का 50 प्रतिशत केवल 60 लोगों की मुट्ठी में है. अौर प्रकारांतर से यह भी कबूल कर लिया कि यह सच इतना टेढ़ा है कि इसे सीधा करना दुनिया...
More »