झारखंड और बिहार में मॉनसून की आंखमिचौली एक तरह से स्थायी समस्या बन गयी है. इन परिस्थितियों में फसलों की बरबादी और कम उत्पादन की आशंकाएं रहती हैं. इस विषम परिस्थिति से निबटने का सही तरीका कुशल प्रबंधन है. यह प्रबंधन किसानों को करना है. इस बार मौसम पूर्वानुमान में मॉनसून का ज्यादा साथ देने की संभवना कम व्यक्त की गयी है. ऐसे में किसान संयम, समझ और जागरूकता से काम...
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मानसून की कमजोरी से धनखेती में किसानों का नहीं चलेगा जोर
जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़ : मौसम विभाग इस वर्ष मानसून कमजोर रहने की संभावना जता रहा है, लेकिन कृषि विभाग ने इसे लेकर अभी तक कोई योजना तैयार नहीं की है। किसान अभी भी अपने खेतों को धान की रोपाई के लिए तैयार करने में जुटे हुए हैं। मानसून कमजोर होने के बाद किसानों को धान की फसल तैयार करने में किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, कृषि विभाग...
More »रबी में फसलों की बेहतर बुवाई से पैदावार बढऩे का अनुमान
फायदा : मौसम अनुकूल रहने से भी फसलों को मिलेगा फायदा चालू रबी में गेहूं, चना और सरसों के बुवाई क्षेत्रफल में हुई बढ़ोतरी से इनकी पैदावार बढऩे का अनुमान है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में फसलों की कुल बुवाई बढ़कर 619.04 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जो पिछले साल की समान अवधि के 587.01 लाख हैक्टेयर से ज्यादा...
More »गेहूं की बुवाई लक्ष्य के करीब, चना व सरसों का भी रकबा ज्यादा
चालू रबी में गेहूं की बुवाई बढ़कर 273.97 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जो तय लक्ष्य 280 लाख हैक्टेयर के करीब पहुंच चुकी है। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई बढ़कर 67.53 लाख हैक्टेयर में और चना की बुवाई बढ़कर 86.91 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है। ऐसे में चालू रबी में गेहूं के साथ ही चना और सरसों की पैदावार...
More »ज्यादा बुवाई से दलहन, तिलहन व गेहूं पैदावार बढऩे की उम्मीद
सुधार - रबी सीजन में अब तक का रकबा 477 से बढ़कर 506 लाख हैक्टेयर मोटे अनाजों में सुस्ती रबी में मोटे अनाजों की बुवाई पिछड़ रही अभी तक 50 लाख हैक्टेयर में हो पाई बुवाई पिछले साल हो गई थी 53 लाख हैक्टेयर में बुवाई ज्वार का रकबा 36 लाख से घटकर 34 लाख हैक्टेयर गेहूं की बुवाई का क्षेत्र 227 से बढ़कर 253 लाख हैक्टेयर चालू सीजन में रबी फसलों के बुवाई क्षेत्रफल में हुई...
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