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हिमालय क्षेत्र के भविष्य के लिए ज़रूरी हैं नेचर-बेस्ड सलूशंस

द थर्ड पोल, 21 फरवरी बहुत पुराने वक्त से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली चुनौतियों का हल निकालने के लिए दुनिया भर में लोग प्रकृति का सहारा लेते आ रहे हैं। हम सबको प्रकृति से पर्याप्त भोजन प्राप्त होता है। पानी मिलता है। प्रकृति के माध्यम से ही जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाली आपदाओं से होने वाले नुकसान को सीमित किया जाता है। खराब हो चुके वातावरण को...

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लुटता हिमालय: एक साथ कई चुनौतियों ने बढ़ाई मुश्किलें

डाउन टू अर्थ, 18 फरवरी  शहरीकरण भले ही विकास का एक पैमाना हो, लेकिन इसने हिमालय क्षेत्र को त्रासदी के मुहाने तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) की 2019 में प्रकाशित रिपोर्ट “द हिंदूकुश हिमालय असेसमेंट : माउंटेंस, क्लाइमेट चेंज, सस्टेनेबििलटी एंड द पीपल” के अनुसार, हिंदू कुश हिमालय (एचकेएच) क्षेत्र की सबसे बड़ी आबादी भारत में रहती है। एचकेएच आठ देशों (अफगानिस्तान,...

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प्राकृतिक नहीं, एक सुनियोजित आपदा है जोशीमठ

डाउन टू अर्थ, 10 फरवरी  हिमालय की ढलानों पर 1,874 मीटर की ऊंचाई पर बसे जोशीमठ शहर के धंसने की शुरुआत हो चुकी है। आशंका इस बात की है कि केवल एक यही शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के दूसरे कई गांव या कस्बे भी धीरे-धीरे धरती में समा सकते हैं। लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है और सरकारें उन सुरक्षित जगहों की तलाश में जी-जान से जुटी...

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जोशीमठ: हिमालय ने दरककर ‘विकास’ का भंडाफोड़ कर दिया है

 द वायर, 22 जनवरी ‘विकास’ का यह कौन-सा मॉडल है, जो जोशीमठ ही नहीं, पूरे हिमालय क्षेत्र में दरार पैदा कर रहा है और इंसान के लिए ख़तरा बन रहा है? सरकारी ‘विकास’ की इस चौड़ी होती दरार को अगर अब भी नज़रअंदाज़ किया गया, तो पूरी मानवता ही इसकी भेंट चढ़ सकती है. बीते सप्ताह जोशीमठ में असुरक्षित घोषित किए गए एक होटल को ध्वस्त करते एसडीआरएफ कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई) जोशीमठ आजकल...

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उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी, बारिश के आसार

कार्बनकॉपी, 19 जनवरी उत्तर भारत के कई भागों में शीतलहर का प्रकोप बुधवार को भी जारी रहा। राजधानी दिल्ली में इस महीने यह शीतलहर का आठवां दिन दर्ज किया गया, जो पिछले लगभग 12 सालों का रिकॉर्ड है।  वहीं चिल्लई कलां से जूझते जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे रहा। श्रीनगर में -4.3 डिग्री सेल्सियस, पहलगाम में -11.7 डिग्री सेल्सियस, और कुपवाड़ा में -6.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम...

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