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झारखंड में गढ़वा के रपुरा गांव के प्रजापतियों को सड़क नहीं दे रहे राजपूत, कहते हैं मुख्यमंत्री की औकात नहीं कि खुलवा लें रास्ता

-कारवां, झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर रपुरा गांव के नवडीहवा टोले के लोग सड़क की समस्या को लेकर एक बार फिर 15 जून को अंचल कार्यालय प्रदर्शन करने पहुंचे थे. लेकिन तीन-चार घंटे के बाद उन्हें लॉकडाउन का हवाला देकर और बाद में रास्ते का हल निकालने की बात कह कर चलता कर दिया गया. टोले वालों के मुताबिक यह लोग इसी तरह पिछले साल 21 दिसंबर को...

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निजी अस्पताल के डॉक्टरों का दावा पंजाब सरकार ने महंगे टीके खरीदने के लिए डाला दबाव

-कारवां, मई से जून के बीच पंजाब सरकार ने राज्य के निजी अस्पतालों को ढाई गुना से अधिक कीमत पर टीके बेचे. निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मुझे बताया कि राज्य ने अस्पतालों को सीधे निर्माताओं को ऑर्डर देने के बजाय सरकार से बढ़े हुए दामों पर टीके खरीदने के लिए अपने प्रभाव का प्रयोग किया. इसका मतलब यह है कि पंजाब में लोगों की सरकारी टीकों तक पहुंच सीमित थी. टीके निजी...

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तिहाड़ जेल से नताशा और देवांगना के उम्मीद और प्रतिरोध के खत

-कारवां, फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के संबंध में एक साल पहले महिला अधिकार संगठन पिंजरा तोड़ की सदस्य नताशा नरवाल और देवांगना कलिता को गिरफ्तार किया गया था. हाल ही में दोनों को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है. कलिता और नरवाल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में क्रमशः महिला अध्ययन और ऐतिहासिक अध्ययन केंद्रों में डॉक्टरेट की छात्राएं हैं. वे 2019 के नागरिकता (संशोधन) अधिनियम...

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काम जारी है

-कारवां,  फुर्सत के नायाब पल में पांच दिसंबर 1956 की रात भीमराव आंबेडकर दिल्ली के अलीपुर रोड स्थित अपने किराए के मकान में रेडियोग्राम पर बज रही बौद्ध प्रार्थना को सस्वर दोहरा रहे थे, “बुद्धम शरणं गच्छामि, धम्म शरणं गच्छामि, संघम शरम् गच्छामि” कि तभी उनका रसोइया डिनर के लिए आने को कह कर उनका ध्यान-भंग करता है. उन्हें थोड़ा-सा चावल खाने के लिए बहुत मान-मनौव्वल करना पड़ता था. डाइनिंग टेबल तक...

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तमाम योजनाओं और करोड़ों रुपये ख़र्च होने के बावजूद गंगा अगर साफ़ नहीं, तो ज़िम्मेदारी किसकी है

-द वायर, कोरोना महामारी के इस दौर में वाराणसी शहर के ज्यादातर घाटों पर अत्यधिक मात्रा में पाए गए हरे शैवाल ने भारत सरकार के गंगा स्वच्छता के नारे एवं परियोजना की पोल खोल दी है और तमाम सरकारी दावे धरे के धरे रह गए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कहीं यह गंगा के विलुप्त होने का संकेत तो नहीं है? ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि भारत सरकार के द्वारा गंगा पुर्नरुद्धार के नाम...

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