नरेगा संघर्ष मोर्चा, 17 मार्च प्रेस विज्ञप्ति देश की राजधानी दिल्ली में बीते 3 सप्ताह से नरेगा मज़दूरों का 100 दिवसीय धरना जारी है। जंतरमंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे नरेगा मज़दूरों के धरने का आज 21 वां दिन रहा। नरेगा मज़दूरों का आरोप है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) श्रमिकों की शिकायतों को अनदेखा कर रहा है और श्रमिक प्रतिनिधिमंडलों से मिलने से इनकार कर रहा है। नरेगा संघर्ष मोर्चा के...
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कैसे उड़ीसा में बीज बैंक जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं
इंडियास्पेंड, 16 मार्च उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से करीब 150 किमी पश्चिम में रायसर नाम की एक छोटी सी बस्ती में रहने वाले 45 वर्षीय दुर्ज्यधन जानी के लिए पिछले तीन साल काफी रोमांचित करने वाले रहे हैं। उनके लिए यह एक ऐसा समय है, जैसे वह अपने बचपन में जी रहे हैं। एक बच्चे के रूप में उन्होंने अपने परिवार को जैविक खेती करते हुए देखा था, लेकिन दो दशक...
More »मोदी सरकार द्वारा धीरे-धीरे मनरेगा का गला घोंटने का काम किया जा रहा है
द वायर, 26 फरवरी केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के आवंटन में सबसे भारी कटौती मौजूदा बजट में की गई है. इस मद में सिर्फ 60,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो कि अब तक की सबसे कम राशि है. इसके अलावा मनरेगा के तहत ऐप आधारित हाजिरी दर्ज करने की प्रणाली – नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग...
More »ग्रामीण क्षेत्र के लिए कितना हितकारी है 2023-24 का बजट?
रूरल वॉइस, 24 फरवरी पिछले साल 2022-23 के लिए जब बजट पेश किया गया तो मैंने उसे जातिगत भेदभाव वाला बताया था। अगले वित्त वर्ष के लिए जो बजट पेश किया गया है, उसके प्रस्तावों पर गौर करें तो इसमें भी जातिगत भेदभाव झलकता है। तमाम मीडिया में नई स्कीम की घोषणाओं और पूंजी निर्माण के लिए अधिक आवंटन को ‘अमृत काल’ जैसे लुभावन शब्दों के रूप में पेश किया गया।...
More »मनरेगा पर संकट के बादल
हाल ही में पेश किए गए बजट के बाद पक्ष-विपक्ष की अतिवादी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इन बयानबाजियों में सबसे ज्यादा ध्यान मनरेगा ने खींचा है। बजट में मनरेगा के लिए आवंटित बजट, 2022-23 के संशोधित अनुमान की तुलना में काफी कम है। यह कमी करीब 33 प्रतिशत के आस–पास ठहरती है। सरकार के पास इस कटौती को जायज ठहराने के अपने तर्क हैं और विपक्ष व सामाजिक संगठनों की अपनी...
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