मल्लियां (बरनाला)। संगरूर से 14-15 किलोमीटर दूर बरनाला का छोटा सा गांव मल्लियां। यहां कैंसर से तीन मौतें हो चुकी हैं। दो पीड़ित हैं। कीटनाशकों के इस्तेमाल से पैदा होने वाली सब्जियां इन मौतों का कारण थीं। लेकिन, 170 घरों वाले इस गांव में पिछले चार वर्षों में कैंसर का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। ऐसा संभव हो पाया यहां की महिलाओं के कारण। जो अपनों को इस...
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पहले मन साफ कीजिए, फिर सड़क- हर्षमंदर
इन दिनों देश में साफ-सफाई को लेकर एक बड़े सामाजिक आंदोलन की गहरी कसक दिखाई पड़ रही है। गांधी के नाम को याद किया जाने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़कर स्वच्छता अभियान की अगुवाई की। उनके मंत्रियों और अधिकारियों ने कैमरों के आगे झाड़ू पकड़े। कॉलेज और स्कूलों के बच्चों ने गंदगी के खिलाफ और अपने आस-पड़ोस को साफ-सुथरा रखने की शपथ ली। इसके पहले प्रधानमंत्री ने...
More »बाग में 200 लोग लड़ रहे सिकल सेल एनीमिया से जंग
जय तापड़िया, बाग। आदिवासी बहुल बाग ब्लॉक में सिकल सेल एनीमिया नामक घातक लाइलाज बीमारी के 200 से अधिक मरीज हैं। अनुवांशिक बीमारी होने से यह भावी पीढ़ी में लगातार फैलती जा रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे पर गए थे। जहां प्रधानमंत्री की पहल पर जापान ने भारत के साथ मिलकर इस बीमारी पर शोध करने पर सहमति जताई है। इससे पीड़ित मरीजों के लिए...
More »इंसेफलाइटिस का टीका बाजार में नहीं
रांची: बिहार में जापानी इंसेफलाइटिस से हो रही मौतों के बाद झारखंड के लोग सजग हो गये है. राजधानी के लोग अपने बच्चों को इंसेफलाइटिस से बचाने के लिए टीका दिला रहे हैं. टीके की डिमांड इतनी बढ़ गयी है कि निजी टीका केंद्रों पर इसका टीका खत्म होने लगा है. कई सेंटरों में नाममात्र का टीका ही शेष बचा है. वैक्सीन के स्टॉकिस्ट ने बताया कि उनके पास भी इंसेफलाइटिस का...
More »जहर की खेती कब तक
मानव स्वास्थ्य : कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से खाने-पीने के सामान हुए जहरीले यूरोप में भारतीय आम पर प्रतिबन्ध ने नीति निर्घारकों को सोचने का एक और मौका दिया है। रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभावों के खिलाफ पत्रिका लम्बे समय से मुहिम चलाता रहा है। अनेक शोध और अध्ययन बताते रहे हैं कि खाने-पीने की चीजों में जहर फैलता जा रहा है। सरकार से लेकर आम उपभोक्ता तक सभी को...
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