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छह हजार पौधों की बलि लेकर बन रहा शौर्य स्मारक

भोपाल। तीन साल तक जिन पौधों को राजधानी परियोजना प्रशासन ने स्पेशल पाइप लाइन बिछाकर व टैंकरों की पानी से सींचा, अब उन्हीं छह हजार पौधों की बलि लेकर शौर्य स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। राजधानी परियोजना प्रशासन की कारगुजारियां किसी से छिपी नहीं है। यहां सड़क निर्माण व अन्य योजनाओं के नाम पर कितनी राशि बहाई जाती है, उसका अंदाजा शौर्य स्मारक से भी लगाया जा...

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12 घंटे बिजली मिलेगी बुनकरों को : नीतीश

भागलपुर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सिल्क सिटी में आयोजित बुनकर पंचायत में बुनकरों को 12 घंटे बिजली देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार की तरक्की में बुनकरों का भी योगदान है। मुख्यमंत्री ने नवगछिया अनुमंडल के धरहरा गांव में आयोजित सभा में यह घोषणा की कि विजय घाट में कोसी नदी पर जल्द ही पुल का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री ने यहां करोड़ों की लागत से विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। ...

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स्वस्थ पर्यावरण के लिए धरहरा की परंपरा का अनुकरण करें : नीतीश

भागलपुर। जहां चारो तरफ अंधाधुंध पेड़ों की कटाई हो रही है, वहीं धरहरा गांव में सामुदायिक प्रयत्‍‌न से पेड़ लगाए जा रहे हैं। यह ऐसा गांव है जहां लोग कन्या पैदा होने पर खुशी मनाते हैं और उनके नाम पर दस फलदार पेड़ लगाते हैं। स्वस्थ पर्यावरण के लिए धरहरा की परंपरा का अनुकरण पूरे सूबे के लोगों को करना चाहिए। यह बातें रविवार को नवगछिया अनुमंडल के धरहरा गांव में आयोजित सभा को संबोधित...

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जल संरक्षण और संवर्धन में 50 लाख को रोजगार

भोपाल। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने के लिए प्रदेश में चलाई जा रही रोजगार गारंटी स्कीम के तहत एक लाख 15 हजार से अधिक के जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य किए गए है। इसमें 50 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार मिला है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि रोजगार गारंटी स्कीम के तहत ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार कार्यो से पिछले तीन वर्षो में पूरे प्रदेश...

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हरी वादियों का चितेरा

अस्सी के दशक की शुरुआत से ही एक अकेले व्यक्ति के शांत प्रयासों ने ऐसे ग्रामीण आंदोलन की नींव रखी जिसने उत्तराखंड की बंजर पहाड़ियों को फिर से हराभरा कर दिया। सच्चिदानंद भारती की असाधारण उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास किया संजय दुबे ने। (तहलका-हिन्दी से साभार) शायद ही कुछ ऐसा हो जो संच्चिदानंद भारती को उफरें खाल के बाकी ग्रामीणों से अलग करता हो। ये तो जब वो...

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