डाउन टू अर्थ, 05 अप्रैल जब किसी देश में कामकाजी उम्र के लोगों की संख्या बच्चों और बुजुर्गों की आबादी को पीछे छोड़ आगे निकल जाती है, तो उसे जनसांख्यिकी लाभांश क्षेत्र कहा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में जानकारी दी है कि भारत मौजूदा समय में इसी दौर से गुजर रहा है और अगले दशक तक इसी क्षेत्र में बना रहेगा। आईएलओ द्वारा जारी आंकड़ों के...
More »SEARCH RESULT
हर साल भीषण गर्मी की वजह से आमदनी का पांच प्रतिशत नुकसान झेल रहा है गरीब किसान: एफएओ
डाउन टू अर्थ, 07 मार्च भीषण गर्मी की वजह से खेती से होने वाली आमदनी में कमी आती है। ऐसा गरीब किसान के साथ ज्यादा होता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भीषण गर्मी के दिनों में गैर गरीब किसान के मुकाबले गरीब किसान परिवारों की आमदनी में 2.4 प्रतिशत का नुकसान होता है, जो उनकी फसलों से होने...
More »भेड़, बकरी और ऊंटनी के दूध से बने चीज़ में बढ़ रही दिलचस्पी, बड़ा हो रहा बाजार
मोंगाबे हिंदी, 30 जनवरी भारत में चीज़ का बाजार लगातार बढ़ता जा रहा है। मार्केट रिसर्च एजेंसी IMARC के अनुसार, साल 2022 में यह 7.13 अरब रुपए का था। माना जा रहा है कि 2028 तक यह 24.06 फीसदी की दर से बढ़कर 26.26 अरब डॉलर पर पहुंच जाएगा। राजस्थान में ऊंटनी के दूध से चीज़ बनाने वाली बहुला नेचुरल्स की संस्थापक आकृति श्रीवास्तव के अनुसार, पारंपरिक चीज़ का सीएजीआर (चक्रवृद्धि...
More »सौर पैनलों से चौंध का खतरा, स्वच्छ ऊर्जा की ओर रुख करने वाले हवाई अड्डों के लिए सुरक्षा की चिंता
मोंगाबे हिंदी, 8 नवम्बर मार्च की शुरूआत में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने घोषणा की थी कि वह 2024 तक अपने सभी हवाई अड्डों पर 100 फीसदी नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल करने लगेगा। एएआई भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है जिसके पास हवाई अड्डों के रखरखाव और संचालन का जिम्मा है। यह जिन 137 हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है, उनमें से पहले ही 38 हवाई अड्डों पर 40...
More »पीएलएफएस रिपोर्ट: देश में घट रही है बेरोजगारी !
इस लेख में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी की जाने वाली आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण रिपोर्ट (2022–23) का विश्लेषण किया है। यह रिपोर्ट देश में रोजगार और श्रम बाजार की वस्तुस्थिति का आधिकारिक दस्तावेज है। रिपोर्ट का कहना है कि रोजगार की सूरत–ए–हाल में सुधार आ रहा है। क्या वाकई बेरोजगारी घट रही है ? गौरतलब है कि इस सर्वेक्षण में मुख्यतः तीन तरह के आँकड़ों को दर्ज किया जाता है।...
More »