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हर दिन 6 से 7 घंटे की कोचिंग क्लास, परीक्षा से पहले वाली परीक्षा, कोटा में तैयारी करने वाले छात्रों का जीवन इतना कठिन क्यों है? रिपोर्ट

इंडियास्पेंड, 16 नवम्बर   ब‍िहार की राजधानी पटना से लगभग 100 क‍िलोमीटर दूर गया ज‍िले के एकता कॉलोनी में रहने वाले आर्मी से सेवानिवृत्त विनोद कुमार अभी भी मानने को तैयार नहीं हैं क‍ि उनका बेटा वाल्मीकि कुमार आत्‍महत्‍या कर सकता है। "एक साल पहले ही तो कोटा गया था जेईई आईआईटी की तैयारी करने। पढ़ने में अच्‍छा था। हमें तो पता ही नहीं चल पाया क‍ि आख‍िर उसने आत्‍महत्‍या की क्‍यों। हमने...

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सतही शिक्षा व्‍यवस्‍था और श‍िक्षकों की कमी: देश में बढ़ते कोचिंग कल्चर की असल वजह?

इंडियास्पेंड, 27 जनवरी शीतलहर के चलते उत्तर भारत के स्कूलों की समय सारणी में बदलाव किए गए हैं। लेक‍िन 12 वर्षीय आयुष यादव कड़ाके की ठण्ड में सुबह लगभग 8 बजे काले रंग का बैग कंधे पर टांगे मम्मी-पापा को बाय बोल ई-रिक्शॉ पर बैठ कोचिंग क्लास के लिए निकल जाते हैं, फ‍िर वहां से सीधे स्‍कूल। प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग का काम करने वाले आयुष के पिता शिव शंकर यादव, 36, कहते...

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प्रयागराज: कभी पूरब का ऑक्सफ़ोर्ड कहलाता था, अब क्या है शिक्षा और रोज़गार का हाल

-बीबीसी, दिलीप कुशवाहा सर इलाहाबाद में काफ़ी हिट हैं. वे नए तौर तरीकों से छात्रों को अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं, अंग्रेज़ी सीखने की चाहत रखने वालों को वे हिंदी माध्यम में अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं. गणित की पृष्ठभूमि और सामाजिक बदलाव की दिशा में भूमिका निभाने का जुनून रखने वाले कुशवाहा बताते हैं कि वे छात्रों के बीच हिट कैसे हुए. उनका कहना है कि ख़ास पाठ्यक्रम, पढ़ाने के दौरान उनके शारीरिक हाव-भाव, अभिव्यक्ति का...

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यूपी रोजगार स्कीम: भर्ती, पेपर लीक, लेट-लतीफी और अदालत के चक्कर

-न्यूजलॉन्ड्री, उत्तर प्रदेश सरकार विज्ञापन के ज़रिए राज्य में बेरोज़गारी दर कम दिखा रही है. साथ ही इन विज्ञापनों में 2017 से अब तक कुल 4.5 लाख युवाओं को नौकरियां देने की बता कही गई है. लेकिन प्रदेश में छात्र परेशान हैं क्योंकि यूपी में भर्तियां लटकी हुई हैं. 25 जनवरी को बिहार और उत्तर प्रदेश के छात्रों का सब्र टूट गया. दरअसल रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने ग्रुप डी और एनटीपीसी...

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भारत की प्रशासनिक सेवाओं में महिलाएं इतनी कम क्यों?

-इंडियास्पेंड, साल 1951 में पहली बार जब भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में महिलाओं को शामिल करने का फैसला लिया गया तो एक महिला थी, लगभग सात दशक बाद 2020 में महिलाओं की संख्या कुल आईएएस अधिकारियों का सिर्फ 13% है। अशोका यूनिवर्सिटी में त्रिवेदी सेंटर फॉर पॉलिटिकल डेटा (टीसीपीडी) द्वारा संकलित भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी डेटासेट (Indian Administrative Service Officers Dataset) को लेकर किए गए विश्लेषण में इंडियास्पेंड ने पाया कि 1951...

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