इंडियास्पेंड, 01 जून जींस-टीशर्ट पहने और पतली मूंछ रखने वाले उमेश बारिया अब भी एक कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी की तरह लगते हैं, लेकिन वह वास्तव में कच्छ के जखाऊ बंदरगाह पर मछलियां पकड़ते हैं। उनका परिवार पारंपरिक रूप से यही काम करता है। उमेश बचपन से ही अपने परिवार की इस काम में सहायता करते थे और अब वह ख़ुद एक नाव के मालिक हैं। 25 साल के उमेश बताते हैं,...
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एनएचआरसी ने केंद्र, छह राज्यों को नोटिस जारी करके देवदासी प्रथा पर रिपोर्ट मांगी
द वायर, 15 अक्टूबर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केंद्र और छह राज्यों को नोटिस जारी कर विभिन्न मंदिरों, विशेष रूप से भारत के दक्षिणी हिस्सों में देवदासी प्रथा के निरंतर जोखिम पर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. एनएचआरसी ने कहा कि उसने इस प्रथा को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है. आयोग ने कहा, ‘देवदासी प्रथा की कुरीतियों को रोकने के लिए अतीत में कई कानून बनाए गए हैं,...
More »गरीबी और असमानता
[inside] इंडिया में आर्थिक असमानता: “अरबपति राज” में ब्रिटिश राज से भी ज्यादा है असमानता - रिपोर्ट [/inside] इंडिया के भौगोलिक आकार और जनसंख्या, जो अब दुनिया में सबसे अधिक है, को देखते हुए इंडिया में आर्थिक विकास का वितरण विश्व की आर्थिक असमानता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। इसलिए इंडिया में आय और संपत्ति की असमानता को सटीक रूप से मापना अत्यधिक आवश्यक है। हाल ही में वर्ल्ड इनइक्वलिटी डाटाबेस ने...
More »पानी और साफ-सफाई
खास बात - भारत में खुले में शौच करने वाले लोगों की संख्या 626 मिलियन है। यह संख्या 18 देशों में खुले में शौच करने वाले लोगों की संयुक्त संख्या से ज्यादा है।# -ग्रामीण इलाकों में केवल २१ फीसदी आबादी के घरों में शौचालय की व्यवस्था है।* -पेयजल आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के हिसाब से कुल १,५०,७३४९ ग्रामीण मानव बस्तियों में से केवल ७४ फीसदी में पूरी तरह और १४ फीसदी में...
More »खबरदार
खास बात • गंगोत्री ग्लेशियर सालाना ३० मीटर की गति से सिकुड़ रहा है।* • अगर समुद्रतल की ऊंचाई एक मीटर बढ़ती है तो भारत में ७० लाख लोग विस्थापित होंगे।* • पिछले बीस सालों में ग्रीनहाऊस गैसों के उत्सर्जन में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी जिवाश्म ईंधन के दहन से हुई है।* • मानवीय क्रियाकलापों के कारण ग्लोबल ग्रीन हाऊस गैस के उत्सर्जन में लगातार बढोत्तरी हो रही है। अगर औद्योगीकरण के पहले के समय से तुलना करें तो मानवीय क्रियाकलापों...
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