-द वायर, केंद्र सरकार ने हाल ही में रबी सीजन 2020-21 के लिए धान, ज्वार, बाजरा, मक्का समेत विभिन्न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय कर दिया है. सरकार का दावा है कि उसने लागत का डेढ़ गुना एमएसपी निर्धारित किया है, हालांकि हकीकत ये है कि मोदी सरकार ने कम लागत मूल्य के आधार पर एमएसपी तय की है. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों को सी2 लागत पर डेढ़...
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महिला खेतिहरों के श्रम का अवमूल्यन क्यों-- ऋतु सारस्वत
हाल ही में जारी आर्थिक समीक्षा दो महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान खींचती है। एक यह कि कामकाजी महिलाओं की संख्या में गिरावट आई है। वर्ष 2005-06 में रोजगार में आ रही महिलाओं का प्रतिशत 36 था, जो कि कम होकर 2015-16 में 24 प्रतिशत रह गया है। दूसरा यह कि खेती, बागवानी, मत्स्य-पालन, सामाजिकी वानिकी में महिलाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका होने पर भी, उन्हें लंबे समय से उचित महत्त्व नहीं...
More »निराई गुड़ाई का खर्च बचाने के लिए बना डाली ‘जुगाड़’ की मशीन
किसान खेती को लेकर धीरे-धीरे ही सही जागरूक और सजग हो रहे हैं। कम लागत की जैविक खेती करने के साथ ही अब किसान कई तरह के देशी जुगाड़ भी अपनाते हैं। ऐसे ही किसानों के लिए मंदसौर के एक मिस्त्री हातिम कुरैशी ने निराई-गुड़ाई के लिए एक जुगाड़ मशीन इजाद की है, जिससे किसानों की लागत कम आती है और बाजार से खर पतवार नासक दवाइयों का छिड़काव नहीं...
More »फूल के कांटे-- चंद्रमोहन पपनैं
आजकल की गरमी में पंचफूली नामक सुंदर फूल-पौधे नोएडा के वीआइपी कहे जाने वाले इलाके सेक्टर 14-ए के पास स्थित गौतमबुद्ध की मूर्ति के ठीक सामने शोभायमान हैं। यहीं पर डीटीसी बस स्टॉप है और इसके बार्इं ओर एक बड़ा पार्क है, जिसमें बहुत सारे लोग सुबह-शाम की सैर करते हैं। इस मुख्य मार्ग से हजारों वाहन और लोग रोजाना आते-जाते हैं। वे पंचफूली नामक इन फूल-पौधों की सुंदरता को...
More »खुशहाली का संदेशा लेकर भूमध्य सागर से चल पड़ी है पवन- कुमार मुकेश
खेतों में बिजाई की गई विभिन्न फसलों के लिए कम तापमान और बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंताओं को अब भूमध्य सागर से उठकर ईरान और इराक से होते हुए आने वाली हवाएं कम कर देंगी। सबकुछ ठीक रहा तो 4 जनवरी से हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार भूमध्य सागर से उठने वाली हवाओं के बाद...
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